दीप्ति शर्मा की मां बोलीं- पाकिस्तान से ट्रॉफी क्या, गिफ्ट भी नहीं लेंगे: आगरा में बेटी की जीत पर परिवार ने मनाया जश्न
एशिया कप फाइनल में दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट लेकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। आगरा में परिवार ने जश्न मनाया, वहीं उनकी मां सुशीला शर्मा ने पाकिस्तान से ट्रॉफी या गिफ्ट स्वीकार न करने की बात कही।

आगरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की एशिया कप जीत के बाद आगरा में क्रिकेटर दीप्ति शर्मा के परिवार में खुशी का माहौल है। फाइनल मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ दीप्ति ने गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में 19 रन देकर 3 विकेट हासिल किए।
भारत ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। दीप्ति की इस कामयाबी के बाद उनके घर और आसपास के इलाके में लोगों ने जश्न मनाया और परिवार को बधाइयां दीं।
मां बोलीं- पाकिस्तान से कोई गिफ्ट भी स्वीकार नहीं करेंगे
दीप्ति शर्मा की मां सुशीला शर्मा ने ट्रॉफी से जुड़े विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद खत्म नहीं करता, तब तक वह पाकिस्तान के प्रतिनिधियों के हाथों से ट्रॉफी लेना तो दूर, कोई उपहार भी स्वीकार करना पसंद नहीं करेंगी।
परिवार ने भारत की जीत के बाद एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और फोन पर दीप्ति से बातचीत कर उन्हें जीत की बधाई दी।
फाइनल में गेंदबाजी से बदला मैच का रुख
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट पर 183 रन बनाए। ओपनर शेफाली वर्मा ने 68 और स्मृति मंधाना ने 59 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 129 रन की साझेदारी की।
दीप्ति शर्मा बल्ले से ज्यादा योगदान नहीं दे सकीं और 5 रन बनाकर रन आउट हो गईं। हालांकि गेंदबाजी में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया।
184 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम 19.6 ओवर में 111 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत की ओर से श्री चरणी ने 4 विकेट लिए, जबकि दीप्ति ने 3 विकेट अपने नाम किए।
पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट
दीप्ति शर्मा ने पूरे एशिया कप में शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने 5 मैचों में कुल 14 विकेट लिए और टूर्नामेंट की सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज रहीं।
श्री चरणी 12 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। दीप्ति की गेंदबाजी का इकोनॉमी रेट भी 3.84 रहा।
आगरा में परिवार ने मनाया जश्न
भारत की जीत के बाद दीप्ति के पिता भगवान शर्मा सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने मिठाई बांटी। कॉलोनी के लोगों ने भी परिवार के साथ मिलकर भारत की जीत का जश्न मनाया।
दीप्ति के कोच और भाई सुमित शर्मा ने कहा कि पूरे टूर्नामेंट में दीप्ति का प्रदर्शन शानदार रहा। फाइनल में तीन विकेट लेकर उन्होंने टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई और आगरा के साथ पूरे देश का नाम रोशन किया।
भाई को देखकर क्रिकेट में आईं दीप्ति
दीप्ति की क्रिकेट यात्रा उनके बड़े भाई सुमित से प्रभावित होकर शुरू हुई। सुमित खुद क्रिकेट खेलते थे और नियमित रूप से स्टेडियम में अभ्यास के लिए जाते थे। उन्हें देखकर दीप्ति की भी क्रिकेट में रुचि बढ़ी।
शुरुआत में वह घर पर भाई से क्रिकेट की बारीकियां सीखती थीं। बाद में भाई के साथ स्टेडियम जाने लगीं। कई बार उन्हें मैदान में खेलने का मौका नहीं मिलता था, इसलिए वह किनारे बैठकर खिलाड़ियों की नेट प्रैक्टिस देखा करती थीं।
50 मीटर दूर से स्टंप पर मारी गेंद
दीप्ति के क्रिकेट करियर में एक घटना को अहम मोड़ माना जाता है। वह अपने भाई के साथ आगरा की एकलव्य स्पोर्ट्स एकेडमी गई थीं। वहां नेट प्रैक्टिस के दौरान एक गेंद उनके पास आकर गिरी।
दीप्ति ने गेंद उठाकर करीब 50 मीटर दूर रखे स्टंप की ओर थ्रो किया, जो सीधे स्टंप पर जाकर लगा। इस प्रतिभा को वहां मौजूद पूर्व भारतीय महिला क्रिकेटर और सिलेक्टर हेमलता काला ने देखा।
काला ने दीप्ति की प्रतिभा को पहचाना और आगे उन्हें क्रिकेट में मौका दिलाने के लिए नाम की सिफारिश की।
यूपी पुलिस में DSP पद पर भी मिली जिम्मेदारी
दीप्ति शर्मा को उत्तर प्रदेश पुलिस में DSP पद की जिम्मेदारी भी मिल चुकी है। चीन में आयोजित एशियन गेम्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने स्वर्ण पदक जीता था, जबकि 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय महिला टीम ने रजत पदक हासिल किया था।
एशियन गेम्स में भारतीय टीम की सफलता के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दीप्ति को सम्मानित भी किया गया था।




