दिल्ली में जिम ट्रेनर की 15 राउंड फायरिंग कर हत्या: 4 गोलियां लगीं, 2 सिर में; सोशल मीडिया पर हिमांशु भाऊ गैंग ने जिम्मेदारी लेने का दावा
आया नगर में बाइक सवार चार हमलावरों ने जिम ट्रेनर पर बरसाईं गोलियां; पुराने हत्याकांड और गैंगवार के एंगल से जांच

नई दिल्ली। दिल्ली के आया नगर में सोमवार सुबह जिम ट्रेनर विजय कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाइक से आए चार हमलावरों ने वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए।
हमलावरों ने विजय पर करीब 15 राउंड फायरिंग की। चार गोलियां उसे लगीं, जिनमें दो सिर में लगीं। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर हिमांशु भाऊ के नाम से एक पोस्ट सामने आई है, जिसमें हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। हालांकि, पुलिस अभी इस पोस्ट की सत्यता और वारदात से इसके संबंध की जांच कर रही है।
सोशल मीडिया पोस्ट में धमकी भरा संदेश
सोशल मीडिया पर सामने आई पोस्ट में भाऊ गैंग और “Since-2020” लिखा है। पोस्ट में धमकी भरे अंदाज में कहा गया है कि भागने से काम नहीं चलेगा और किसी को भागने नहीं दिया जाएगा।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच की जा रही है कि पोस्ट वास्तव में गैंग से जुड़ी है या किसी ने फर्जी तरीके से इसे वायरल किया है।
बच्चे के जरिए विजय को जिम से बाहर बुलाया
विजय के चाचा देवेंद्र ने पुलिस को बताया कि विजय सुबह करीब 5 बजे जिम जाने के लिए घर से निकला था। सुबह करीब 10 बजे परिवार को उसकी हत्या की जानकारी मिली।
देवेंद्र के अनुसार, हमलावरों को पता था कि जिम के आसपास CCTV कैमरे लगे हैं। इसी वजह से उन्होंने कथित तौर पर एक बच्चे के जरिए विजय को जिम से बाहर बुलाया।
चार हमलावरों में से दो बाइक पर बैठे रहे, जबकि दो बदमाशों ने विजय पर गोलियां चलाईं।
विजय पिछले करीब 6 साल से जिम चला रहा था।
पुराने हत्याकांड से भी जुड़ रही जांच की कड़ी
पुलिस विजय की हत्या को करीब दो साल पुराने एक हत्याकांड से जोड़कर भी जांच कर रही है।
विजय के चाचा देवेंद्र के मुताबिक, आया नगर गांव में दो साल पहले विजय के छोटे भाई अजय के दोस्त दीपक ने अरुण नाम के युवक की हत्या कर दी थी। इस मामले में दीपक के साथ अजय और योगेश को भी दोषी पाया गया था। तीनों तिहाड़ जेल में बंद बताए गए हैं।
अरुण के परिवार को कथित तौर पर शक था कि इस हत्या में अजय के साथ उसका बड़ा भाई विजय भी शामिल था। देवेंद्र का दावा है कि इसी वजह से अरुण के परिवार की ओर से विजय को पहले भी धमकियां मिल चुकी थीं।
अब पुलिस पुराने हत्याकांड और विजय की हत्या के बीच संभावित संबंध की जांच कर रही है।
एक महीने में दूसरी हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा
सोशल मीडिया पर हिमांशु भाऊ गैंग के नाम से दिल्ली में एक महीने के भीतर दूसरी हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया है।
इससे पहले 3 सितंबर को नरेला के बांकनेर गांव में 55 वर्षीय डेयरी कारोबारी रतन लोहिया की हत्या की गई थी। हमलावरों ने जिम के बाहर उन पर 60 से ज्यादा राउंड फायरिंग की थी।
पुलिस ने मामले में हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े होने के आरोपी दो कथित शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया है। जांच में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग समेत कई एंगल देखे जा रहे हैं।
अब जांच टीमें विजय हत्याकांड और रतन लोहिया हत्याकांड के बीच किसी समान पैटर्न या आपसी कड़ी की भी पड़ताल कर रही हैं।
परिवार में पत्नी और दो बच्चे
विजय अपने पीछे पत्नी, दो बच्चों और एक बहन को छोड़ गया है। परिवार के मुताबिक, उसका छोटा भाई अजय पहले से हत्या के मामले में जेल में बंद है।
पुलिस अब CCTV फुटेज, हमलावरों की पहचान, पुराने विवाद और सोशल मीडिया पर सामने आई जिम्मेदारी वाली पोस्ट समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है।



