IAS दिव्या मित्तल का इस्तीफा मंजूर: 15 दिन पहले छोड़ी थी नौकरी, X पर लिखा- ‘प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो’; 17 साल की सेवा बाकी थी
2013 बैच की अधिकारी ने 30 अगस्त को व्यक्तिगत कारणों और नए जीवन लक्ष्यों का हवाला देकर दिया था इस्तीफा

उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल का इस्तीफा केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने 30 अगस्त 2026 को व्यक्तिगत कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और जीवन के नए लक्ष्यों का हवाला देते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दिया था।
सोमवार रात करीब 11 बजे दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस्तीफा स्वीकार होने की जानकारी दी। उन्होंने इसके साथ कवि जयशंकर प्रसाद के नाटक चंद्रगुप्त की चर्चित पंक्ति साझा की- ‘प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो।’
इस्तीफे के बाद साझा की कविता की पंक्ति
दिव्या मित्तल ने अपने पोस्ट में कविता की शुरुआती पंक्तियों में से हिस्सा साझा किया। यह कविता देश, स्वतंत्रता और साहस का आह्वान करती है।
‘प्रशस्त पुण्य पंथ है’ का अर्थ एक साफ, व्यापक और पवित्र मार्ग से है। वहीं ‘बढ़े चलो, बढ़े चलो’ के जरिए बिना रुके आगे बढ़ने और कठिन परिस्थितियों का सामना करने का संदेश दिया गया है।
इस्तीफे के बाद दिव्या मित्तल की इस पोस्ट को उनके अगले जीवन के पड़ाव से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि उन्होंने आगे की अपनी योजना को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है।
17 साल की सेवा अभी बाकी थी
दिव्या मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी हैं। उन्होंने करीब 13 साल तक सरकारी सेवा में काम किया। इस्तीफा देने के समय उनकी लगभग 17 साल की सेवा बाकी थी।
उन्होंने IIT दिल्ली से बीटेक और IIM बेंगलुरु से MBA किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने लंदन में नौकरी की, लेकिन बाद में लाखों रुपए की नौकरी छोड़कर भारत लौट आईं और सिविल सर्विस की तैयारी शुरू की।
दो बार UPSC पास किया
दिव्या मित्तल ने UPSC की परीक्षा दो बार पास की। पहले प्रयास में उनका चयन IPS के लिए हुआ था। इसके बाद उन्होंने IPS ट्रेनिंग के दौरान भी IAS की तैयारी जारी रखी।
अगले प्रयास में उनका चयन IAS के लिए हो गया। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश कैडर में प्रशासनिक सेवाएं दीं।
मिर्जापुर, बस्ती और देवरिया की रह चुकी हैं DM
दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर, बस्ती और देवरिया जिलों की जिलाधिकारी रह चुकी हैं।
मई 2026 में उन्हें देवरिया के जिलाधिकारी पद से हटाकर राजस्व विभाग में विशेष सचिव बनाया गया था। देवरिया से लखनऊ तबादले के करीब चार महीने बाद उन्होंने सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया।
दिव्या की पहचान एक सख्त और फील्ड में सक्रिय अधिकारी के तौर पर रही है। प्रशासनिक कामकाज के दौरान अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश देने और फटकार लगाने को लेकर भी वह चर्चा में रही हैं।
पति भी सरकारी नौकरी छोड़ चुके हैं
दिव्या मित्तल के पति गगनदीप सिंह भी भारतीय व्यापार सेवा (ITS) के अधिकारी रह चुके हैं। वह 2011 बैच के अधिकारी हैं।
गगनदीप सिंह ने वर्ष 2022 में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में संयुक्त महानिदेशक के पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद उन्होंने ‘न्यूरोकैप’ नाम की कंपनी शुरू की।
लंदन की नौकरी छोड़कर भारत लौटी थीं
दिव्या मित्तल मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली हैं। IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु से पढ़ाई के बाद उन्होंने लंदन में नौकरी की।
लंदन में ही उनकी मुलाकात गगनदीप सिंह से हुई थी। दोनों ने शादी की। कुछ समय बाद दोनों ने विदेश की नौकरी छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया।
भारत आने के बाद दिव्या ने UPSC की तैयारी शुरू की और बिना कोचिंग के परीक्षा पास कर सिविल सेवा में जगह बनाई।
पति ने भी पहले प्रयास में पास की थी UPSC
गगनदीप सिंह का परिवार पंजाब के बठिंडा जिले के गिद्दड़बाहा से बताया जाता है। उन्होंने IIT दिल्ली से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और IIM बेंगलुरु से मैनेजमेंट की पढ़ाई की।
उन्होंने वर्ष 2010 में पहले प्रयास में UPSC पास की थी और भारतीय व्यापार सेवा में चयनित हुए थे। वर्ष 2022 में सरकारी सेवा छोड़ने के बाद वह निजी कारोबार से जुड़े।
वैष्णो देवी जाकर भी की थी पोस्ट
इस्तीफा स्वीकार होने से कुछ दिन पहले दिव्या मित्तल ने वैष्णो देवी के दर्शन किए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए आगे की राह को कठिन बताते हुए मां से सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की थी।
अब केंद्र सरकार द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद उनके अगले कदम को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, दिव्या मित्तल ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह आगे क्या करने वाली हैं।




