मणिपुर में 2 कुकी महिलाओं की गोली मारकर हत्या: कई फार्महाउस जलाए गए; 2023 से अब तक 306 लोगों की मौत
तामेंगलोंग के लीसांगफाई गांव में खेत में काम कर रही दो कुकी महिलाओं की गोली मारकर हत्या; कई फार्महाउस जलाए गए, कांगपोकपी में संदिग्ध उग्रवादियों और CRPF के बीच 6 घंटे फायरिंग

मणिपुर के तामेंगलोंग जिले के लीसांगफाई गांव में मंगलवार को दो कुकी महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में कई फार्महाउसों में आग लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। मृतकों की पहचान किमजालहाई सिंगसोंग और फलनैचोंग सितल्हो के रूप में हुई है।
राज्य सरकार की ओर से विधानसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, 3 मई 2023 को शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद अगस्त तक कम से कम 306 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 49 लोग अभी भी लापता बताए गए थे।
खेत में काम कर रही महिला को मारी गोली
जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे फलनैचोंग सितल्हो खेत में लकड़ियां बटोर रही थीं। इसी दौरान उन्हें गोली मार दी गई।
दूसरी मृतक किमजालहाई सिंगसोंग ने नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की थी और हाल ही में गांव लौटी थीं। वह अपने माता-पिता की खेती में मदद कर रही थीं।
13 सितंबर को भी 4 कुकी लोगों की हत्या
इस घटना से तीन दिन पहले, 13 सितंबर को तामेंगलोंग के टोलेन और नोनी जिले के लोंगपी गांव में अलग-अलग घटनाओं में चार कुकी लोगों की हत्या की गई थी। मृतकों में एक दंपती भी शामिल था।
स्रोत के अनुसार, इस साल फरवरी में नागा और कुकी समुदायों के बीच शुरू हुए नए संघर्ष में अब तक दोनों पक्षों के कम से कम 40 लोगों की मौत हो चुकी है।
कांगपोकपी में संदिग्ध उग्रवादियों ने किया हमला
कांगपोकपी जिले के चावांगकिनिंग नागा गांव में मंगलवार रात संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला किया। इस दौरान दो घरों को आग के हवाले कर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, रात करीब 10:30 बजे हथियारों से लैस लोगों ने गांव पर हमला किया। इसके बाद संदिग्ध उग्रवादियों और CRPF के बीच करीब छह घंटे तक रुक-रुककर गोलीबारी हुई।
KZC ने शव दफनाने से मना किया
कुकी-जो काउंसिल (KZC) ने कुकी बहुल जिलों के नागरिक संगठनों से नागा हथियारबंद समूहों द्वारा मारे गए कुकी लोगों के शवों को दफन नहीं करने की अपील की है। काउंसिल के अनुसार, शवों को फिलहाल नजदीकी कोल्ड स्टोरेज में रखा जाएगा।
काउंसिल ने इसे कुकी नागरिकों के खिलाफ हो रही हिंसा के विरोध में उठाया गया कदम बताया है। साथ ही केंद्र और मणिपुर सरकार से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
2023 से जारी है मणिपुर में जातीय हिंसा
मणिपुर में मई 2023 से जातीय हिंसा का लंबा दौर जारी रहा है। हिंसा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई लोग विस्थापित हुए। ताजा घटनाओं के बाद संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर चिंता बढ़ गई है।
नोट: इस खबर में मौतों, घटनाओं और आरोपों से जुड़े आंकड़े एवं दावे दिए गए स्रोत में उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। संदिग्ध उग्रवादियों की भूमिका और घटनाओं की जिम्मेदारी से जुड़े दावों की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों की जांच के बाद होगी।
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