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रोहिणी घावरी का चंद्रशेखर आजाद पर आरोप: रिश्ते, राजनीति और दो सुसाइड अटेम्प्ट पर खुलकर बोलीं; कहा- मैंने अपने सबूत अदालत में दिए

रोहिणी घावरी ने चंद्रशेखर आजाद से कथित रिश्ते, विवाद, राजनीति और अपने कठिन दौर को लेकर कई दावे किए। उन्होंने कहा कि उनके सबूत अदालत में पेश किए गए हैं।

स्विट्जरलैंड से करीब छह साल बाद भारत लौटीं रोहिणी घावरी ने नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के साथ अपने कथित रिश्ते, उससे जुड़े विवाद और अपनी राजनीतिक सोच को लेकर विस्तार से बात की है। एक इंटरव्यू में रोहिणी ने चंद्रशेखर पर धोखे, दबाव और चरित्र हनन के आरोप लगाए। हालांकि, ये सभी दावे रोहिणी के बयान पर आधारित हैं और स्वतंत्र रूप से इनकी पुष्टि इस सामग्री में नहीं है।

रोहिणी ने बताया कि वह सामाजिक मुद्दों, खासकर सफाईकर्मियों और मैनुअल स्कैवेंजिंग से जुड़े मामलों पर काम करना चाहती थीं। इसी सिलसिले में उनकी चंद्रशेखर से जून 2021 में बातचीत शुरू हुई थी। उनके मुताबिक, उस समय वह स्विट्जरलैंड में पीएचडी कर रही थीं और सामाजिक संगठनों के साथ काम कर रही थीं।

परिवार ने दिया साथ

रोहिणी ने कहा कि विवाद सामने आने के बाद उनके परिवार को काफी धक्का लगा, लेकिन बाद में माता-पिता और परिवार उनके साथ खड़े रहे। उन्होंने बताया कि विदेश में अकेले रहने के दौरान वह मानसिक रूप से बेहद कठिन दौर से गुजरीं।

इंटरव्यू में रोहिणी ने अपने जीवन में दो बार आत्महत्या का प्रयास करने की बात कही। उन्होंने बताया कि परिवार के समर्थन से उन्होंने खुद को संभाला और इसके बाद इस विवाद को लेकर लड़ाई जारी रखने का फैसला किया।

शादी के प्रस्ताव का भी किया दावा

रोहिणी का आरोप है कि विवाद खत्म करने के लिए उन्हें डराने-धमकाने, पैसों का लालच देने और शादी का प्रस्ताव देने जैसे तरीके अपनाए गए। उनके अनुसार, उन्होंने शादी से इनकार कर दिया और इसे अपने आत्मसम्मान से जुड़ा मामला बताया। इन आरोपों पर चंद्रशेखर आजाद का पक्ष इस इंटरव्यू की उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है।

चंद्रशेखर की राजनीति पर भी उठाए सवाल

रोहिणी ने निजी विवाद के साथ-साथ चंद्रशेखर की राजनीतिक भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि चंद्रशेखर की राजनीति को लेकर उनके मतभेद रहे हैं और उन्होंने उनकी राजनीतिक रणनीति की आलोचना की।

उन्होंने समाजवादी पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों के साथ चंद्रशेखर के संबंधों का भी जिक्र किया और दावा किया कि आने वाले चुनाव में वह जहां से चुनाव लड़ेंगे, वहां जाकर उनका विरोध करेंगी। यह रोहिणी का राजनीतिक बयान है; भविष्य के चुनावी परिणाम या राजनीतिक समीकरण पर इससे कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

चुनावी समर्थन को लेकर किया दावा

रोहिणी ने मेरठ में विभिन्न समुदायों के लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात का जिक्र करते हुए चंद्रशेखर की चुनावी संभावनाओं को लेकर अपना दावा रखा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चंद्रशेखर ने मुस्लिम समाज से किए वादे पूरे नहीं किए।

ये दावे रोहिणी के इंटरव्यू में दिए गए बयान हैं। उपलब्ध सामग्री में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि या संबंधित पक्ष का जवाब शामिल नहीं है।

कहा- सबूत अदालत में पेश किए

रोहिणी ने दावा किया कि चंद्रशेखर के खिलाफ उनके पास मौजूद सबूत उन्होंने अदालत में पेश कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने सभी साक्ष्य सोशल मीडिया पर सार्वजनिक नहीं किए और अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों को ही मामले के लिए महत्वपूर्ण बताया।

मायावती को बताया आदर्श

इंटरव्यू में रोहिणी ने मायावती को अपना आदर्श बताया। उन्होंने कहा कि बहुजन आंदोलन के लिए त्याग की प्रेरणा उन्हें डॉ. भीमराव आंबेडकर, कांशीराम और मायावती के जीवन से मिली।

साथ ही उन्होंने मायावती से एक शिकायत भी बताई कि उन्हें इस विवाद में सार्वजनिक समर्थन नहीं मिला। रोहिणी ने कहा कि उनकी मायावती से सीधे बातचीत नहीं हुई, लेकिन उनके करीबी लोगों से संपर्क हुआ था। मायावती या उनके कार्यालय की ओर से इस इंटरव्यू में लगाए गए दावों पर कोई प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

महिलाओं के राजनीति में आने को लेकर बोलीं

रोहिणी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में आने वाली महिलाओं को कई बार चरित्र हनन और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि राजनीतिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और सुरक्षा को लेकर ज्यादा काम किए जाने की जरूरत है।

दलित राजनीति के अलग-अलग मॉडल पर राय

बसपा, समाजवादी पार्टी के पीडीए और चंद्रशेखर की राजनीति के बारे में पूछे जाने पर रोहिणी ने तीनों के बारे में अपनी अलग-अलग राय रखी। उन्होंने बसपा के पुराने राजनीतिक प्रभाव और पीडीए को लेकर अपनी बात रखी, जबकि चंद्रशेखर की राजनीतिक रणनीति को उन्होंने एक व्यक्ति-केंद्रित प्रयास बताया।

यह उनके इंटरव्यू में व्यक्त राजनीतिक विचार हैं, न कि स्वतंत्र राजनीतिक विश्लेषण।

नोट: इस खबर में चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ लगाए गए आरोपों को रोहिणी घावरी के बयान के रूप में प्रकाशित किया गया है। उपलब्ध सामग्री में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और चंद्रशेखर आजाद का विस्तृत पक्ष शामिल नहीं है।

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