हिसार के 4 गांवों में पहुंची नशा मुक्ति टीम: ग्रामीणों को किया जागरूक, 21 नशा पीड़ितों तक पहुंची चिकित्सा सहायता
जगान, असरावां, फ्रांसी और अग्रोहा में नुक्कड़ सभाएं; पीड़ितों की पहचान कर उपचार, दवाइयां और काउंसलिंग कराई

हिसार पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अग्रोहा थाना क्षेत्र के जगान, असरावां, फ्रांसी और अग्रोहा गांवों में ग्रामीणों से संपर्क किया। पुलिस अधीक्षक सिद्धान्त जैन के दिशा-निर्देशन में नशा मुक्ति टीम ने ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी और नशा पीड़ितों की पहचान कर उन्हें उपचार व काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई।
टीम ने गांवों में नुक्कड़ सभाएं आयोजित कर नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक प्रभावों की जानकारी दी। ग्रामीणों से युवाओं को नशे से दूर रखने में सहयोग करने और नशे की बिक्री या सप्लाई से संबंधित जानकारी पुलिस को देने की अपील की गई।
21 नशा पीड़ितों को मिली चिकित्सा सहायता
अभियान के दौरान 4 नए नशा पीड़ितों की पहचान की गई। उन्हें नागरिक अस्पताल हिसार ले जाकर पहली बार आयुर्वेदिक और एलोपैथिक उपचार दिलाया गया।
इसके अलावा 6 पीड़ितों को दूसरी बार अस्पताल ले जाकर दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। इनका ब्लड टेस्ट और काउंसलिंग भी कराई गई।
वहीं टीम ने 11 नशा पीड़ितों के घर पहुंचकर उन्हें पहली बार आयुर्वेदिक दवाइयां उपलब्ध कराईं। इस तरह अभियान के दौरान कुल 21 लोगों तक उपचार और चिकित्सा सहायता पहुंचाई गई।
काउंसलिंग के बाद अस्पताल में भर्ती हुआ व्यक्ति
पुलिस के अनुसार, नशा मुक्ति टीम की काउंसलिंग के बाद एक नशा पीड़ित नागरिक अस्पताल हिसार में उपचार के लिए भर्ती हुआ।
पुलिस टीम ने नशा पीड़ितों की पहचान करने के साथ-साथ उनके उपचार और फॉलोअप पर भी ध्यान देने की बात कही है, ताकि उपचार प्रक्रिया लगातार जारी रह सके।
नशे के नुकसान के बारे में ग्रामीणों से संवाद
अभियान के दौरान पुलिस टीम ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। सब इंस्पेक्टर हवा सिंह समेत टीम के सदस्यों ने लोगों को नशे से होने वाले नुकसान की जानकारी दी।
पुलिस ने परिवारों से भी अपील की कि यदि कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है तो उसे छिपाने के बजाय उपचार और काउंसलिंग के लिए आगे लाया जाए।
एसपी बोले- उपचार भी अभियान का हिस्सा
एसपी सिद्धान्त जैन ने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ नशे की गिरफ्त में आए लोगों को उपचार और काउंसलिंग उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
उन्होंने परिवारों और ग्रामीणों से नशे से संबंधित जानकारी पुलिस तक पहुंचाने की अपील की। पुलिस के अनुसार, गांवों में जागरूकता, नशा पीड़ितों की पहचान, काउंसलिंग और उपचार से जुड़ा अभियान आगे भी जारी रहेगा।




