हिसार में कुलदीप बिश्नोई की Audi कार विवादों के बीच कबाड़ में खड़ी: 0001 नंबर वाली Q7, 2019 के हलफनामे में भी दर्ज थी
देवेंद्र बूड़िया की कंपनी के नाम रजिस्ट्रेशन का दावा; बिश्नोई महासभा के विवाद के बाद कार के इस्तेमाल न होने की बात सामने आई

पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई से जुड़ी Audi Q7 कार इन दिनों हिसार में इस्तेमाल के बजाय कबाड़ में खड़ी होने की बात सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार कार DL2FCB0001 नंबर की है और इसे देवेंद्र बूड़िया की कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड बताया गया है।
कुलदीप बिश्नोई के 2019 के चुनावी हलफनामे में भी Audi Q7, DL2FCB0001, मॉडल 2017 दर्ज है। हलफनामे में उस समय वाहन की घोषित कीमत करीब 53.32 लाख रुपए बताई गई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुलदीप बिश्नोई और भारतीय बिश्नोई महासभा के प्रधान देवेंद्र बूड़िया के बीच महासभा के संरक्षक पद को लेकर विवाद के बाद दोनों के संबंधों में खटास आई। इसी दौरान कार को बूड़िया के पास वापस भेजे जाने और उसके बाद लंबे समय से इस्तेमाल नहीं होने की बात कही गई है।
0001 नंबर वाली Audi Q7
कार का नंबर DL2FCB0001 है। उपलब्ध चुनावी हलफनामे के रिकॉर्ड में भी यही नंबर दर्ज है। रिपोर्ट के अनुसार, यह नंबर कुलदीप बिश्नोई ने विशेष रूप से रजिस्टर्ड कराया था।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कार वापस किए जाने के बाद कुलदीप बिश्नोई ने नंबर वापस मांगा, लेकिन नंबर को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
Q7 में कॉफी बनाने की सुविधा वाला मॉडल भी उपलब्ध
Audi ने जून 2025 में भारत में Q7 Signature Edition लॉन्च किया था। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹99.81 लाख थी। इस विशेष संस्करण में Espresso Mobile इन-कार कॉफी सिस्टम सहित कई अतिरिक्त फीचर दिए गए थे।
हालांकि, उपलब्ध स्रोतों से यह स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं होता कि विवादित कार वही Q7 Signature Edition है। इसलिए ₹99.81 लाख की कीमत को इस विशेष कार की मौजूदा कीमत के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
महासभा के संरक्षक पद को लेकर हुआ था विवाद
रिपोर्ट के अनुसार, कुलदीप बिश्नोई और देवेंद्र बूड़िया के बीच अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के संरक्षक पद को लेकर विवाद हुआ था। बूड़िया की ओर से कुलदीप बिश्नोई पर इस्तीफा देने के लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए गए थे।
इसके बाद मुकाम धाम में बैठक हुई और कुलदीप बिश्नोई को संरक्षक पद से हटाने की सिफारिश किए जाने की बात सामने आई। बाद में महासभा के कुछ पदाधिकारियों ने रजिस्ट्रार सोसाइटी के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बाद कुलदीप बिश्नोई ने स्वयं संरक्षक पद छोड़ने की घोषणा की थी।
बूड़िया पर दर्ज मामले में आरोपों की स्थिति
रिपोर्ट में देवेंद्र बूड़िया के खिलाफ 2025 में दर्ज बलात्कार के मामले और बाद की पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख है। ये आरोप हैं, न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्य नहीं हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बूड़िया के वकील ने आरोपों को झूठा बताया था।
पुलिस ने मामले में चार्जशीट दाखिल करने और साक्ष्य जुटाने का दावा किया है। ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के परिणाम पर निर्भर करता है।
कार कब से खड़ी है?
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, विवाद के बाद कार बूड़िया के पास वापस भेजी गई और तब से इसका इस्तेमाल नहीं हुआ। लंबे समय तक खड़े रहने के कारण कार के खराब होने की बात कही गई है।
इस पूरे मामले में कार के वर्तमान स्वामित्व, रजिस्ट्रेशन की मौजूदा स्थिति और 0001 नंबर के हस्तांतरण से संबंधित आधिकारिक परिवहन विभाग का ताजा रिकॉर्ड सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों में स्पष्ट नहीं है।




