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फर्जी पासपोर्ट मामले में नया खुलासा: सिमरिया टेकरी से 15 किमी दूर बुद्ध विहार भी संदिग्धों का ठिकाना

सिमरिया टेकरी के पते पर 17 संदिग्ध पासपोर्ट बनने की जांच; धई के बुद्ध विहार में बाहरी लोगों के ठहरने की जानकारी से जांच का दायरा बढ़ा

ग्वालियर। बांग्लादेशियों के फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनाए जाने के मामले की जांच में एक और ठिकाने का खुलासा हुआ है। पड़ताल के दौरान डबरा की सिमरिया टेकरी से करीब 15 किलोमीटर दूर ग्राम धई स्थित बुद्ध विहार में भी बाहरी लोगों के ठहरने की जानकारी सामने आई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ वर्ष पहले इस स्थान पर बाहरी लोग आकर ठहरते थे। उनकी भाषा ग्रामीणों को समझ नहीं आती थी और वे स्थानीय लोगों से बहुत कम बातचीत करते थे। बताया गया कि कुछ समय तक मठ में रुकने के बाद ये लोग चले जाते थे और बाद में दोबारा दिखाई देते थे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से इन लोगों का आना-जाना बंद है और फिलहाल मठ खाली पड़ा है।

सिमरिया टेकरी के पते पर बने 17 पासपोर्ट

यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि डबरा के सिमरिया टेकरी स्थित बुद्ध विहार के पते पर 17 संदिग्ध बांग्लादेशियों के भारतीय पासपोर्ट बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच में इनमें से किसी भी व्यक्ति का डबरा का निवासी होना नहीं मिला। एसटीएफ के अनुसार, ये सभी संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक हैं।

मोबाइल नंबर भी पासपोर्ट धारकों के नहीं

जांच में यह भी सामने आया है कि पासपोर्ट आवेदन में दर्ज मोबाइल नंबर संबंधित पासपोर्ट धारकों के नहीं थे। रियाल चौधरी, नसीम अख्तर, जय चौधरी और पियान चौधरी समेत अन्य लोगों के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है।

जिन लोगों के नाम पर पासपोर्ट बनाए गए, उनकी वास्तविक पहचान और पासपोर्ट बनने के बाद उनके ठिकाने का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

दस्तावेज तैयार करने वाली पूरी चेन जांच के घेरे में

जांच अब केवल पासपोर्ट एजेंटों तक सीमित नहीं है। एसटीएफ उन लोगों और संस्थानों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जहां से पासपोर्ट के लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेज तैयार होने की बात सामने आई है।

जांच एजेंसी के अनुसार, नगर निगम, आधार केंद्र, पंचायत और अन्य संबंधित सेंटर भी जांच के दायरे में हैं। पासपोर्ट सेवा केंद्र के एक अधिकारी से कथित सांठगांठ की जानकारी भी जांच में सामने आई है। उससे पूछताछ के बाद मामले में और तथ्य सामने आने की संभावना है।

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