
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के उज्जैन रोड शो के दौरान महापौर मुकेश टटवाल को रथ से नीचे उतारे जाने का मामला सामने आने के बाद स्थानीय राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। टटवाल ने कहा है कि वे इस घटनाक्रम को संगठन के स्तर पर उठाएंगे और 20 सितंबर को फ्रीगंज स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास बैठकर प्रार्थना एवं विरोध दर्ज कराएंगे।
घटना रोड शो शुरू होने से पहले सदावल हेलीपैड के पास हुई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, टटवाल रथ पर सवार हुए थे, लेकिन कुछ देर बाद उन्हें नीचे उतरने के लिए कहा गया।
महापौर बोले- मुझे रथ पर बैठने के लिए कहा गया था
महापौर मुकेश टटवाल के अनुसार, वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की अगवानी के लिए हेलीपैड पहुंचे थे। उनका कहना है कि भाजपा जिला प्रभारी बजरंग पुरोहित और कार्यक्रम प्रभारी जयपाल सिंह चावड़ा ने उन्हें रथ में बैठने के लिए कहा था।
इसके बाद वे विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के साथ रथ पर सवार हुए। कुछ समय बाद उन्हें रथ से नीचे उतरने के लिए कहा गया और वे नीचे आ गए।
रथ की सूची को लेकर अलग-अलग दावे
घटनाक्रम के बाद रथ पर सवार होने वाले नेताओं की सूची को लेकर सवाल उठे हैं। पुलिस की ओर से बताया गया कि उसके पास मौजूद सूची में महापौर का नाम नहीं था, जबकि भाजपा के जिला प्रभारी की ओर से अलग सूची का हवाला दिया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, जिला प्रभारी बजरंग पुरोहित ने कहा कि रथ पर सवार होने वाले 12 लोगों की सूची दी गई थी, लेकिन इंदौर से अपेक्षाकृत छोटा रथ आने के कारण कुछ नामों में बदलाव हुआ।
इससे घटनाक्रम को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि महापौर का नाम अंतिम सूची में नहीं था तो उन्हें रथ पर सवार होने के लिए किस आधार पर कहा गया।
रथ पर मौजूद थे ये नेता
रोड शो के दौरान रथ पर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा और नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल समेत अन्य नेता मौजूद थे।
महापौर ने संगठन स्तर पर मामला उठाने की बात कही
मुकेश टटवाल का कहना है कि उज्जैन के प्रथम नागरिक होने के नाते बड़े कार्यक्रमों में उनकी भूमिका रहती है। उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत के लिए ही हेलीपैड पहुंचे थे।
टटवाल ने घटनाक्रम की जानकारी स्थानीय पार्टी पदाधिकारियों को देने और मुख्यमंत्री को भी पूरे मामले से अवगत कराने की बात कही है।
20 सितंबर को अंबेडकर प्रतिमा के पास बैठने का ऐलान
शुक्रवार को संत बालीनाथ मंदिर, बागपुर में बेरवा समाज की बैठक में भी यह मामला उठा। बैठक में महापौर के साथ हुए घटनाक्रम पर चर्चा की गई।
महापौर के अनुसार, वे 20 सितंबर को सुबह 11 बजे फ्रीगंज स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास बैठेंगे। उन्होंने कहा कि वहां वे प्रार्थना करेंगे और जनता की ओर से मिली जिम्मेदारी को निष्ठा से निभाने की शक्ति मांगेंगे।
घटनाक्रम को लेकर भाजपा की ओर से अलग-अलग स्तर पर सामने आए बयानों के बीच अब आगे की राजनीतिक प्रतिक्रिया पर नजर बनी हुई है।
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