बारिश में तालाब बना ग्वालियर बस स्टैंड, यात्री गंदे पानी के बीच पहुंच रहे बसों तक
जल निकासी की व्यवस्था बदहाल, बाथरूम और पेयजल सुविधा भी सवालों के घेरे में; रोजाना 20 हजार लोगों की आवाजाही

ग्वालियर। ग्वालियर शहर का सरकारी बस स्टैंड बारिश के दौरान तालाब में तब्दील हो गया। परिसर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी कई घंटे तक जमा रहा। यात्रियों को बसों तक पहुंचने के लिए गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।
ग्वालियर बस स्टैंड से भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत मध्यप्रदेश के कई शहरों के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के लिए भी बसों का संचालन होता है। यहां रोजाना 10 हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं। यात्रियों के साथ बड़ी संख्या में उनके परिजन भी बस स्टैंड पहुंचते हैं। ऐसे में प्रतिदिन करीब 20 हजार लोगों की आवाजाही वाले परिसर में बारिश के दौरान बदहाल व्यवस्थाएं परेशानी का कारण बन रही हैं।
जलभराव से यात्रियों की बढ़ी परेशानी
बारिश के बाद बस स्टैंड परिसर में जगह-जगह पानी भर गया। यात्रियों को सामान लेकर पानी से होकर बसों तक पहुंचना पड़ा। जलभराव के कारण परिसर में कीचड़ और गंदगी की स्थिति भी बनी हुई है।
यात्रियों का कहना है कि बारिश के दौरान हर बार इसी तरह की समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई।
बाथरूम और पेयजल व्यवस्था भी बदहाल
बस स्टैंड में केवल जलभराव ही नहीं, बल्कि सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। परिसर के बाथरूम साफ-सुथरे नहीं होने और यात्रियों के लिए पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था नहीं होने की शिकायत सामने आई है।
जगह-जगह कचरा और गंदगी पड़ी होने से यात्रियों को परेशानी होती है। बारिश के बाद जलभराव और गंदगी के कारण मच्छरों और संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।
टैक्स वसूलने के बावजूद सुविधाओं की कमी
यात्रियों का कहना है कि बस स्टैंड से विभिन्न शुल्क और टैक्स के रूप में राजस्व लिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।
उनका कहना है कि जब तक पुराने बस स्टैंड से बसों का संचालन पूरी तरह बंद नहीं होता, तब तक यहां सफाई, जल निकासी और पेयजल जैसी जरूरी सुविधाओं को बेहतर किया जाना चाहिए।
आईएसबीटी तैयार, फिर भी पुराने बस स्टैंड से संचालन
शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से सुल्तानपुर रोड पर अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) तैयार किया गया है।
योजना के अनुसार बसों का संचालन पुराने बस स्टैंड के बजाय आईएसबीटी से किया जाना है। हालांकि, बड़ी संख्या में बसें अभी भी पुराने बस स्टैंड से ही संचालित हो रही हैं।
जब तक बसों का संचालन पूरी तरह आईएसबीटी में शिफ्ट नहीं होता, तब तक पुराने बस स्टैंड की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की जरूरत है।
अधिकारी बोले- जल्द कराएंगे सुधार
मामले को लेकर अपर आयुक्त प्रदीप तोमर ने कहा कि जल्द ही स्थिति की जांच कराई जाएगी और आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
अब देखना होगा कि बारिश के दौरान बार-बार होने वाले जलभराव से यात्रियों को राहत दिलाने के लिए प्रशासन की ओर से क्या स्थायी व्यवस्था की जाती है।
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