यूपी चुनाव से पहले 80 करोड़ की फेक करेंसी खपाने की डील का दावा: भास्कर की पड़ताल में सामने आया नेटवर्क, हर विधानसभा तक डिलीवरी की बात
भास्कर की पड़ताल में कथित नेटवर्क का दावा—1 करोड़ के बदले 3 करोड़ के जाली नोट देने की बात; गुवाहाटी से यूपी-बिहार समेत कई राज्यों तक सप्लाई का दावा

पटना। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर नकली नोटों की सप्लाई की कथित योजना का खुलासा होने का दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, गुवाहाटी से फेक करेंसी नेटवर्क संचालित करने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश में करीब 80 करोड़ रुपए के नकली नोट पहुंचाने की बात कही।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जांच टीम ने एजेंट के रूप में नेटवर्क तक पहुंचकर बातचीत रिकॉर्ड की और फेक करेंसी की कथित डील के संबंध में जानकारी जुटाई। बातचीत में संबंधित व्यक्ति ने दावा किया कि हर जिले में अपने मैनेजर के जरिए नोट पहुंचाए जा सकते हैं और उन्हें आगे अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में वितरित किया जाएगा।
1 करोड़ में 3 करोड़ के नकली नोट देने का दावा
रिपोर्ट में दर्ज बातचीत के अनुसार, कथित नेटवर्क संचालक ने 3 करोड़ रुपए की नकली करेंसी के बदले 1 करोड़ रुपए लेने की बात कही। बातचीत में यह भी दावा किया गया कि ऑर्डर मिलने के बाद नोट तैयार कर दिए जाएंगे।
कथित एजेंट ने यह भी दावा किया कि पिछले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में करीब 65 करोड़ रुपए की नकली करेंसी भेजी गई थी और इस बार लक्ष्य करीब 80 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। हालांकि, ये सभी आंकड़े और दावे बातचीत में सामने आए व्यक्ति के कथित दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि रिपोर्ट में नहीं दी गई है।
गुवाहाटी में कथित करेंसी चेस्ट तक पहुंचने का दावा
रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत के बाद जांच टीम एजेंट के रूप में गुवाहाटी पहुंची। वहां एक अन्य एजेंट ने टीम को कथित फेक करेंसी चेस्ट के नजदीक तक ले जाने और नोटों की पैकिंग से संबंधित वीडियो दिखाने का दावा किया।
रिपोर्ट में बताया गया कि वीडियो में कुछ लोग नोटों के बंडल पैक करते दिखाई दिए। एजेंट ने दावा किया कि एक बड़े कार्टन में नकली नोटों की खेप तैयार की जा रही थी और इसे बिहार भेजा जाना था।
चीन-पाकिस्तान से आने का दावा
कथित नेटवर्क संचालक ने बातचीत में नकली नोटों को चीन-पाकिस्तान से आने और बांग्लादेश के रास्ते भारत पहुंचने का दावा किया। रिपोर्ट के अनुसार, उसने गुवाहाटी को नेटवर्क का प्रमुख केंद्र बताया।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र सरकारी या जांच एजेंसी से पुष्टि का विवरण उपलब्ध स्रोत में नहीं दिया गया है।
नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय होने का दावा
रिपोर्ट में कथित संचालक के हवाले से कहा गया कि नेटवर्क उत्तर प्रदेश और बिहार के अलावा दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा समेत कई राज्यों में एजेंट होने का दावा करता है। उसने यह भी कहा कि डिलीवरी के दौरान नेटवर्क के लोग सीधे सामने नहीं आएंगे।
जांच का अगला फोकस डिलीवरी रूट
रिपोर्ट के अनुसार, गुवाहाटी में कथित करेंसी चेस्ट तक पहुंचने के बाद अगला सवाल यह है कि वहां से नकली नोट बिहार और उत्तर प्रदेश तक किन रास्तों से पहुंचाए जाने का दावा किया जा रहा है और नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। रिपोर्ट की अगली कड़ी में कथित डिलीवरी रूट और नेटवर्क की पड़ताल किए जाने की बात कही गई है।




