300 फीट की ऊंचाई से देखिए बिहार का रहस्यमयी शेरगढ़ किला
800 फीट ऊंची पहाड़ी पर 9.65 वर्ग किलोमीटर में फैला किला; कई युद्धों का गवाह, प्राचीन तोपों के अवशेष और गुप्त सुरंगों की चर्चाएं आज भी बरकरार

रोहतास। सासाराम से करीब 32 किलोमीटर दूर कैमूर पर्वतमाला की लगभग 800 फीट ऊंची पहाड़ी पर बना शेरगढ़ का किला आज भी अपने इतिहास और रहस्यों के लिए चर्चा में है। करीब 9.65 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस किले का पुराना नाम भुरकुंडा बताया जाता है।
किले को लेकर मान्यता है कि इसका निर्माण शेर शाह सूरी या उसके वंशजों ने कराया था। इस दुर्ग ने कई युद्धों का दौर देखा है। परिसर में प्राचीन तोपों के अवशेष भी बताए जाते हैं।
गुप्त सुरंगों और खजाने की चर्चाएं
स्थानीय लोगों के बीच शेरगढ़ किले को लेकर कई कहानियां प्रचलित हैं। कहा जाता है कि किले के भीतर कई गुप्त सुरंगें हैं और यहां शाही खजाना छिपा हो सकता है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन सुरंगों या कथित खजाने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं दी गई है। इसलिए इन्हें स्थानीय मान्यताओं और दावों के रूप में ही देखा जाता है।
दुर्गावती नदी के किनारे बसा किला
शेरगढ़ का किला दुर्गावती नदी के पूर्वी किनारे स्थित है। किले से उत्तर दिशा में फैली घाटियां, पहाड़ियां, हरियाली और दुर्गावती जलाशय परियोजना का दृश्य दिखाई देता है।
किले की ऊंचाई और आसपास का प्राकृतिक इलाका इसे ऐतिहासिक स्थल के साथ-साथ पर्यटन के लिहाज से भी आकर्षक बनाता है।
300 फीट की ऊंचाई से किले का नजारा देखने के लिए VIDEO देखें।
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