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बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा, गंगा खतरे के निशान से 2 फीट ऊपर

बेतिया में कटाव से पक्का मकान गंडक में समाया; 31 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 9 जिलों में बारिश और कई इलाकों में नदियां उफान पर

बिहार में मंगलवार से बदले मौसम के बीच भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। पटना, बेगूसराय, जहानाबाद, खगड़िया, औरंगाबाद, जमुई, बांका, शेखपुरा और मुजफ्फरपुर समेत कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश हो रही है, जबकि मौसम विभाग ने पटना समेत प्रदेश के 31 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पटना के दानापुर और दीघा घाट क्षेत्र में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि पुनपुन नदी भी लाल निशान से करीब 160 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। निचले इलाकों में पानी घुसने लगा है और कई स्थानों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। बेतिया में गंडक नदी के तेज कटाव के कारण एक पक्का मकान नदी में समा गया, जबकि बगहा में गंडक बैराज का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और दोपहर में बैराज से 1.63 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। बेगूसराय के बलिया क्षेत्र में गंगा का कटाव तेज है, वहीं पटना के चंदौसी गांव में पुनपुन का पानी घुसने से सड़क कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। बक्सर-मोहनिया नेशनल हाईवे-319A पर भी गंगा का पानी पहुंच गया है। जहानाबाद में दरधा नदी का पानी जाफरगंज पुल के ऊपर से बह रहा है, जबकि कर्मनाशा नदी का पानी सिकरौल गांव के रास्ते पर करीब तीन फीट तक चढ़ गया है। नालंदा में सकरी नदी का जलस्तर बढ़ने से कई क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है। कैमूर की पहाड़ियों में भारी बारिश के बाद कई नदियां उफान पर हैं और गुप्ता धाम के मुख्य द्वार तक पानी पहुंचने से आसपास की कई दुकानें बह गईं। भागलपुर के नवगछिया में कटाव के कारण करीब 100 साल पुराना दुर्गा मंदिर गंगा में समा गया। सहरसा में तेज हवा के कारण 15 लोगों से भरी नाव पलटने से एक महिला की मौत हो गई और एक बच्ची के लापता होने की जानकारी है। पटना समेत कई दियारा इलाकों में स्कूल बंद किए गए हैं और कुछ स्वास्थ्य केंद्रों में पानी भरने से सेवाएं प्रभावित हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और उससे सटे गंगीय क्षेत्र में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण बिहार, झारखंड और ओडिशा में बारिश का दौर जारी रह सकता है और यह मौसम प्रणाली 5 सितंबर तक प्रभावी रहने की संभावना है।

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