पाकिस्तान में PTI के मंत्री के कथित अपहरण से तनाव: एक अन्य मंत्री से जुड़े फायरिंग मामले में भी FIR; 27 सितंबर को इस्लामाबाद मार्च पर अड़ी पार्टी
फजल शकूर खान के लापता होने पर PTI ने अपहरण का आरोप लगाया; शकील अहमद फायरिंग मामले में पुलिस FIR और मंत्री की अलग शिकायत, पार्टी 27 सितंबर के मार्च पर कायम

पेशावर/इस्लामाबाद। पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा में PTI से जुड़े मंत्री फजल शकूर खान के कथित अपहरण की खबर के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, वह MPA हॉस्टल से निकलने के बाद लापता हुए। दूसरी ओर, मलाकंद में प्रांतीय मंत्री शकील अहमद से जुड़े फायरिंग मामले में भी अलग-अलग पक्षों की शिकायतें सामने आई हैं।
फजल शकूर खान के कथित अपहरण की जांच
रिपोर्टों के अनुसार, फजल शकूर खान को सादे कपड़ों में आए लोगों द्वारा कथित तौर पर उठाए जाने की बात सामने आई है। PTI की ओर से इस घटना को अपहरण बताया गया है। घटना की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की पहचान को लेकर जांच जारी है।
शकील अहमद मामले में अलग-अलग दावे
मलाकंद के बटखेला बाईपास पर शकील अहमद से जुड़े फायरिंग मामले में पुलिस रिकॉर्ड में एक CTD अधिकारी के घायल होने का उल्लेख है। FIR में मंत्री और अन्य लोगों पर फायरिंग का आरोप लगाया गया है। दूसरी ओर, शकील अहमद ने अज्ञात हथियारबंद लोगों के खिलाफ अलग शिकायत देकर घटना का अलग पक्ष रखा है। मामले की जांच जारी है।
27 सितंबर को इस्लामाबाद मार्च की तैयारी
PTI ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर 27 सितंबर को इस्लामाबाद में प्रदर्शन/मार्च का कार्यक्रम जारी रखने की बात कही है। पार्टी के नेताओं ने कहा है कि वह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी। सरकार की ओर से इस प्रदर्शन को लेकर कानून-व्यवस्था संबंधी चिंता जताई गई है।
इमरान की बहनों की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा तनाव
मार्च से पहले इमरान खान की बहन अलीमा खान को लाहौर में हिरासत में लिया गया था। बाद में उनकी दो अन्य बहनों की हिरासत की भी खबरें सामने आईं। इन कार्रवाइयों को लेकर PTI और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी इमरान खान के परिवार और PTI कार्यकर्ताओं की हिरासत को लेकर चिंता जताई है। वहीं पाकिस्तानी प्रशासन सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े आधारों का हवाला दे रहा है।
फिलहाल फजल शकूर खान के कथित अपहरण और शकील अहमद से जुड़े फायरिंग मामले में जांच जारी है। इन घटनाओं का 27 सितंबर के PTI मार्च पर क्या असर पड़ेगा, यह आगे की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।



