बठिंडा नहर में डूबे भाई-बहन 3 दिन बाद भी लापता, परिजनों ने दिया धरना
गणेश विसर्जन के दौरान तेज बहाव में बहे थे 6 वर्षीय अंजना और 11 वर्षीय रिशू; NDRF व स्थानीय टीमों का सर्च ऑपरेशन जारी, पानी का बहाव कम कराने की मांग

बठिंडा। सरहिंद नहर में गणेश विसर्जन के दौरान बहे भाई-बहन का तीन दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। 22 सितंबर की शाम बहमन पुल के पास हुए हादसे में 6 वर्षीय अंजना और उसका 11 वर्षीय भाई रिशू नहर के तेज बहाव में बह गए थे। शुक्रवार को भी NDRF और नौजवान वेलफेयर सोसायटी की टीमें नहर के अलग-अलग हिस्सों में बच्चों की तलाश करती रहीं।
जानकारी के अनुसार, दोनों भाई-बहन गणेश विसर्जन देखने के लिए नहर किनारे पहुंचे थे। इसी दौरान अंजना का पैर फिसल गया और वह नहर में गिर गई। बहन को बचाने के लिए रिशू ने भी नहर में छलांग लगा दी। तेज बहाव के कारण दोनों पानी में बह गए।
परिजनों ने प्रशासन के खिलाफ लगाया धरना
तीन दिन बाद भी बच्चों का पता नहीं चलने से नाराज परिजनों ने शुक्रवार सुबह नहर किनारे धरना दिया। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांग की कि नहर में पानी का बहाव कम कराया जाए, ताकि रेस्क्यू टीमों को तलाशी अभियान में मदद मिल सके।
गांव घुद्दा तक चलाया सर्च ऑपरेशन
हादसे के बाद नौजवान वेलफेयर सोसायटी की टीम ने तलाश शुरू की थी। इसके बाद प्रशासन ने NDRF की टीम को भी सर्च ऑपरेशन में लगाया। टीमों ने नहर के बहाव वाले हिस्सों से लेकर गांव घुद्दा तक तलाश की, लेकिन दोनों बच्चों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
सुरक्षा इंतजामों पर भी उठे सवाल
हादसे के बाद नहर किनारे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और नौजवान वेलफेयर सोसायटी का कहना है कि गणेश विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में लोग नहर किनारे पहुंचते हैं। ऐसे में बैरिकेडिंग, फेंसिंग, पुलिस बल और पर्याप्त रेस्क्यू व्यवस्था की जरूरत होती है।
बच्चों के पिता प्रवासी मजदूर हैं और माल रोड स्थित एक होटल एवं रेस्टोरेंट में काम करते हैं। हादसे के समय वह ड्यूटी पर थे। सूचना मिलने के बाद वह घटनास्थल पर पहुंचे। फिलहाल अंजना और रिशू की तलाश जारी है।




