तरंग शक्ति में 80 से ज्यादा विमान और 1500 कर्मी शामिल: 40 से अधिक देशों की भागीदारी, फ्रांस ने साझा राफेल प्लेटफॉर्म को बताया इंटरऑपरेबिलिटी का आधार
जोधपुर में शुरू हुए ‘तरंग शक्ति’ अभ्यास में 40 से अधिक देशों की भागीदारी; 80 से ज्यादा विमान और करीब 1,500 एयर क्रू, तकनीकी व ग्राउंड स्टाफ शामिल, फ्रांस ने राफेल प्लेटफॉर्म को इंटरऑपरेबिलिटी के लिए अहम बताया

जोधपुर। भारतीय वायुसेना की मेजबानी में जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति’ का दूसरा संस्करण शुरू हो गया है। अभ्यास में 40 से अधिक देशों की भागीदारी है। अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और यूएई समेत कई देशों की वायुसेनाएं अपने हवाई संसाधनों के साथ शामिल हुई हैं, जबकि 32 देश पर्यवेक्षक के तौर पर हिस्सा ले रहे हैं।
अभ्यास में 80 से अधिक विमान और करीब 1,500 एयर क्रू, तकनीकी एवं ग्राउंड स्टाफ शामिल हैं। पहले दिन उद्घाटन संबोधन और प्रतिभागी देशों के प्रतिनिधियों को अभ्यास के आगामी कार्यक्रम की जानकारी दी गई। ऑपरेशनल मिशन सोमवार से शुरू होने की बात कही गई है।
कई तरह के हवाई ऑपरेशन का अभ्यास
‘तरंग शक्ति’ के दौरान काउंटर-एयर, एयर डिफेंस, फोर्स कॉम्बैट, एयरलिफ्ट और एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग जैसे मिशन प्रोफाइल पर अभ्यास किया जाएगा। इसका उद्देश्य विभिन्न देशों की वायुसेनाओं के बीच संयुक्त अभियानों के दौरान समन्वय और इंटरऑपरेबिलिटी का अभ्यास करना है।
फ्रांस ने साझा प्लेटफॉर्म को बताया महत्वपूर्ण
फ्रांसीसी एयर एंड स्पेस फोर्स के वाइस चीफ मेजर जनरल डोमिनिक टार्डिफ ने कहा कि अलग-अलग देशों के बीच प्रक्रियाओं को मानकीकृत करने के लिए यूरोप में नाटो की व्यवस्था है, जबकि इस क्षेत्र में ऐसी समान व्यवस्था नहीं है। उनके अनुसार भारत सहित अन्य देशों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है।
भारत द्वारा अतिरिक्त राफेल विमानों की खरीद से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि ऑपरेशनल नजरिए से दो देशों के पास समान प्लेटफॉर्म होने से इंटरऑपरेबिलिटी विकसित करना आसान हो सकता है।
‘पेगासस 26’ मिशन के तहत भारत पहुंचा फ्रांस
फ्रांस अभ्यास में केवल राफेल लड़ाकू विमान लेकर नहीं आया है। ‘पेगासस 26’ एयर पावर प्रोजेक्शन मिशन के तहत फ्रांस का दल भारत पहुंचा है। इस मिशन में करीब 300 फ्रांसीसी सैन्यकर्मी शामिल हैं।
फ्रांसीसी एयर पैकेज में राफेल लड़ाकू विमान, A330 MRTT फीनिक्स टैंकर-ट्रांसपोर्ट विमान और A400M एटलस ट्रांसपोर्ट विमान शामिल हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में फ्रांस के इस मिशन के दौरान उसका दल जोधपुर पहुंचकर ‘तरंग शक्ति’ अभ्यास में हिस्सा ले रहा है।
अभ्यास के अगले चरण में विभिन्न देशों की वायुसेनाएं अपने विमानों और संसाधनों के साथ संयुक्त मिशनों में भाग लेंगी।




