जयपुर में कांग्रेस प्रत्याशी के विरोध में हंगामा, विधायक की गाड़ी घेरकर दिखाए काले झंडे
वार्ड 149 में टिकट को लेकर नाराजगी, प्रदर्शनकारियों ने वाहन रोकने की कोशिश की और कुछ लोग गाड़ी की छत पर चढ़े; प्रत्याशी ने कानूनी कार्रवाई की मांग की

जयपुर में नगर निकाय चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस के भीतर और स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर तेज होते दिखाई दे रहे हैं। आमेर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 149 में कांग्रेस प्रत्याशी अंजलि ब्रह्मभट्ट को टिकट दिए जाने के विरोध में शनिवार शाम हांडीपुरा इलाके में जमकर प्रदर्शन हुआ। प्रत्याशी के समर्थन में पहुंचे आमेर विधायक प्रशांत सहदेव शर्मा को भी लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। बताया गया कि विधायक और कांग्रेस प्रत्याशी की गाड़ियां इलाके में पहुंचते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग वहां जमा हो गए और काले झंडे दिखाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने वाहनों को रोकने की कोशिश की और विरोध बढ़ने पर कुछ लोग विधायक की गाड़ी के ऊपर भी चढ़ गए। इस दौरान वाहन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश किए जाने के आरोप भी लगाए गए, जिसके बाद मौके पर मौजूद समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। स्थानीय लोगों की नाराजगी मुख्य रूप से वार्ड नंबर 149 से निवर्तमान पार्षद अंजलि ब्रह्मभट्ट को कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर बताई जा रही है। प्रदर्शनकारियों का आरोप और विरोध टिकट वितरण के फैसले के खिलाफ था, जिसका असर प्रत्याशी के प्रचार के लिए पहुंचे विधायक पर भी देखने को मिला। हालात बिगड़ते देख विधायक प्रशांत सहदेव शर्मा को समर्थकों की मदद से मौके से बाहर निकालने की कोशिश की गई, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। काफी प्रयास के बाद विधायक की गाड़ी को वहां से निकाला गया। चुनाव से ठीक पहले वार्ड 149 में सामने आया यह खुला विरोध कांग्रेस के लिए राजनीतिक चुनौती बन सकता है, क्योंकि टिकट को लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष पार्टी के चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी अंजलि ब्रह्मभट्ट ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने उनकी गाड़ी पर चढ़कर तोड़फोड़ करने की कोशिश की और उनके साथ भी अभद्रता करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि बेवजह विवाद पैदा करने के लिए इस तरह के हालात बनाए गए, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए उचित नहीं हैं। ब्रह्मभट्ट ने पूरे मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। चुनावी माहौल गरमाने के साथ अब इस विरोध के बाद कांग्रेस संगठन की ओर से स्थानीय स्तर पर क्या कदम उठाया जाता है और टिकट को लेकर नाराजगी को किस तरह शांत किया जाता है, इस पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हैं।



