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2027 के चुनाव के लिए सपा की बूथ स्तर पर तैयारी, भाजपा के पन्ना प्रमुख मॉडल की तर्ज पर संगठन मजबूत करने की कवायद

अखिलेश यादव ने हर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के 27 हजार वोट घटाने और सपा के 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य रखा; डिजिटल सदस्यता अभियान के जरिए बूथ स्तर पर डेटा जुटाने पर जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने संगठन को मजबूत करने की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव बूथ स्तर पर मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने और डिजिटल सदस्यता अभियान के जरिए संगठन का विस्तार करने पर जोर दे रहे हैं। पार्टी ने बूथ लेवल एजेंटों (BLA) को ऐसे परिवारों से संपर्क करने की जिम्मेदारी दी है, जिनके कुछ सदस्यों ने 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा को वोट दिया था, जबकि परिवार के अन्य सदस्य मतदान करने नहीं पहुंचे थे।

पार्टी की योजना ऐसे परिवारों के अधिक से अधिक सदस्यों को आगामी चुनाव में मतदान के लिए प्रेरित करने की है। इसके लिए बूथ स्तर पर पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। यह रणनीति भाजपा के पन्ना प्रमुख मॉडल की तरह मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क बढ़ाने पर केंद्रित है।

हर विधानसभा क्षेत्र में 27 हजार वोट बढ़ाने और घटाने का लक्ष्य

अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के 27 हजार वोट कम करने और सपा के 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप काम करने को कहा है।

इसके लिए प्रदेश स्तर के नेताओं को सप्ताह में चार दिन संगठन के काम के लिए देने का निर्देश दिया गया है। ब्लॉक और बूथ स्तर के पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां भी निर्धारित की गई हैं।

हर बूथ पर नए सदस्य बनाने का लक्ष्य

सपा ने प्रत्येक बूथ पर 400 नए सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है। खबर में प्रदेश के कुल 1.77 लाख बूथों का उल्लेख किया गया है। पार्टी डिजिटल सदस्यता अभियान के माध्यम से संगठन का विस्तार करने और सदस्यता से संबंधित आंकड़ों का रिकॉर्ड तैयार करने पर जोर दे रही है।

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा को 2.95 करोड़ वोट मिले थे, जो कुल मतों का 32.06 प्रतिशत था। पार्टी अब आगामी चुनाव के लिए अपने जनाधार का विस्तार करने की तैयारी कर रही है।

डिजिटल सदस्यता अभियान में एप और वोटर लिस्ट का इस्तेमाल

सपा ने एक जुलाई से डिजिटल सदस्यता अभियान शुरू किया है। इसके तहत कागजी फॉर्म के बजाय मोबाइल एप, डिजिटल डेटाबेस और मतदाता सूची के मिलान के माध्यम से बूथ स्तर पर सदस्यता का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।

पार्टी की तकनीकी टीम ने ‘PDA स्वाभिमान एप’ तैयार किया है। यह एप सामान्य तौर पर गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध नहीं है। इसे पार्टी मुख्यालय में पदाधिकारियों के मोबाइल में इंस्टॉल किया जा रहा है।

इस एप के जरिए सदस्यता के लिए 20 रुपये की ऑनलाइन फीस जमा करने की व्यवस्था की गई है। भुगतान के बाद ट्रांजैक्शन आईडी के साथ डिजिटल रसीद तैयार होती है। सदस्यता लेने वालों के विवरण का मतदाता सूची से मिलान किया जाता है।

बूथ एजेंटों को केवल अपने बूथ का डेटा देखने और भरने की सुविधा दी गई है, जबकि विधानसभा स्तर के पदाधिकारी पूरे क्षेत्र के डेटा का सत्यापन कर सकते हैं। इसके लिए पार्टी ने pdaswabhiman.com पोर्टल भी शुरू किया है।

भाजपा के पन्ना प्रमुख मॉडल पर भी नजर

भाजपा की बूथ प्रबंधन रणनीति में पन्ना प्रमुखों की अहम भूमिका रहती है। प्रत्येक पन्ना प्रमुख को मतदाता सूची के एक पन्ने की जिम्मेदारी दी जाती है। वे संबंधित मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क रखते हैं और मतदान के दिन उन्हें मतदान के लिए प्रेरित करने का प्रयास करते हैं।

सपा भी बूथ स्तर पर मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने के लिए इसी तरह की व्यवस्था पर काम कर रही है। हालांकि, सपा की रणनीति में डिजिटल डेटाबेस, सदस्यता अभियान और मतदाता सूची के मिलान को भी प्रमुखता दी जा रही है।

PDA समीकरण के जरिए संगठन विस्तार की तैयारी

सपा की रणनीति में PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग का सामाजिक समीकरण प्रमुख है। पार्टी युवाओं, महिलाओं, किसानों, मजदूरों और व्यापारियों तक अपनी पहुंच बढ़ाने पर भी काम कर रही है।

डिजिटल सदस्यता अभियान और बूथ स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों के माध्यम से पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अपना संगठन मजबूत करने की तैयारी में जुटी है। 26 सितंबर को अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय में पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की थी।

 

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