ऋषिकेश में नाबालिग से दुष्कर्म के बाद होटल में तोड़फोड़, CCTV बंद मिलने से उठे सवाल
अधूरे पहचान दस्तावेज पर कमरा देने के आरोप, आक्रोशित भीड़ ने होटल के शीशे तोड़े; फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटीं

ऋषिकेश में 16 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले के बाद घटना वाले होटल की भूमिका भी पुलिस जांच के दायरे में आ गई है। चेला चेतराम मार्ग स्थित होटल में घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों के लोग मौके पर पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। आक्रोशित भीड़ ने होटल के शीशे तोड़ दिए, जबकि कुछ लोग बुलडोजर लेकर भी मौके पर पहुंचे। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर भीड़ को नियंत्रित किया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि होटल में नाबालिग को कमरा किस प्रक्रिया के तहत दिया गया और क्या होटल प्रबंधन ने पहचान दस्तावेजों और उम्र का सही सत्यापन किया था। आरोप है कि पूरे पहचान दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के बावजूद होटल में कमरे दिए जाते थे और इसके लिए सामान्य किराये से अधिक रकम वसूली जाती थी। जांच के दौरान होटल के CCTV कैमरे भी बंद मिले, जिसको लेकर पुलिस ने होटल प्रबंधन से जानकारी मांगी है। प्रबंधन की ओर से कैमरे बंद होने की वजह बिजली की समस्या बताई गई है, लेकिन पुलिस यह भी जांच कर रही है कि CCTV तकनीकी कारणों से बंद थे या उन्हें जानबूझकर बंद किया गया था। मामले में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने AIIMS पहुंचकर पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्याय तथा सुरक्षा का भरोसा दिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से घटना की जानकारी लेते हुए फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। महिला आयोग ने प्रदेश के होटलों में कम से कम तीन महीने का CCTV बैकअप अनिवार्य करने की मांग भी की है, ताकि आपराधिक घटनाओं की जांच में महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध रह सकें। पुलिस के अनुसार नाबालिग की आरोपी से पहचान सोशल मीडिया ऐप स्नैपचैट के जरिए हुई थी। बातचीत बढ़ने के बाद आरोपी ने उसे होटल बुलाया, जहां दुष्कर्म की घटना का आरोप है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और POCSO एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। घटना के बाद से आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि घटना के बाद नाबालिग का वीडियो बनाया गया था। पुलिस आरोपी और उसके दोस्त के मोबाइल फोन तथा अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि कोई वीडियो रिकॉर्ड हुआ था और यदि हुआ तो उसे किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा किया गया या नहीं। देहरादून से FSL टीम को घटनास्थल पर बुलाकर होटल का निरीक्षण कराया गया और जरूरी साक्ष्य जुटाए गए हैं। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। पुलिस होटल मालिक और मैनेजर की भूमिका की भी जांच कर रही है। इसके साथ ही होटल में तोड़फोड़ करने वाले लोगों की पहचान के लिए मौके पर उपलब्ध CCTV फुटेज और अन्य वीडियो की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस के सामने एक ओर फरार आरोपी को गिरफ्तार करने और डिजिटल व फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर होटल प्रबंधन की लापरवाही या संभावित भूमिका तथा CCTV बंद होने की वजह की जांच भी की जा रही है।




