
पटना। बिहार में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र ने गुरुवार को राज्य के 27 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इस दौरान कुछ स्थानों पर करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों तक बिहार के कई हिस्सों में मौसम बदला रहेगा। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ का खतरा
पिछले 24 घंटे के दौरान पटना और खगड़िया समेत कुछ स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। वहीं, गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
जलस्तर बढ़ने से बेगूसराय के बलिया प्रखंड के भवानंदपुर, परमानंदपुर और भगतपुर सहित कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। भागलपुर के दियारा क्षेत्र में भी गंगा का पानी पहुंचने से परेशानी बढ़ी है।
बारिश का दौर अभी पूरी तरह खत्म नहीं
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार में बारिश का पैटर्न फिलहाल पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अगले एक-दो दिनों में स्थानीय स्तर पर बादल बनने और वातावरण में नमी के कारण कई जिलों में हल्की बारिश हो सकती है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे राज्य में एक साथ तेज बारिश होगी। अलग-अलग इलाकों में मौसम की स्थिति अलग रह सकती है।
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, बिजली के खंभों और बड़े पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
रक्षाबंधन पर भी कई जगह बारिश की संभावना
28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन भी बिहार में मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है।
लोगों को त्योहार के दौरान बाहर निकलते समय स्थानीय मौसम की जानकारी देखते रहने की सलाह दी गई है।
पटना में बादल और हल्की बारिश का अनुमान
राजधानी पटना में गुरुवार को आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना है। बारिश होने की स्थिति में तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
पटना और आसपास के इलाकों में भी अगले दो दिनों तक मौसम में बदलाव बना रह सकता है।
मानसून सीजन में अब तक 42% बारिश कम
बिहार में इस मानसून सीजन में अब तक बारिश सामान्य से काफी कम हुई है। 26 अगस्त तक राज्य में सामान्य तौर पर 741.2 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, जबकि इस अवधि में 428.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है।
इस तरह राज्य में अब तक करीब 42 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। कम बारिश का असर खेती और किसानों की गतिविधियों पर भी पड़ रहा है।
आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से राज्य के कुछ हिस्सों में राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बाढ़ का खतरा बना हुआ है।




