
पटना। बिहार में तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहे ग्रामीण क्षेत्रों को अब नगर निकायों से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने सभी जिलों से नगर निकायों के पुनर्गठन से जुड़े प्रस्ताव मांगे हैं। इनमें नए नगर निकायों का गठन, मौजूदा निकायों की सीमा का विस्तार, दर्जा बढ़ाना और दो या अधिक निकायों के विलय जैसे विकल्प शामिल हैं।
प्रस्तावों की पहले जिला स्तर पर समीक्षा की जाएगी। इसके बाद अनुशंसा के साथ इन्हें नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजा जाएगा।
डीएम बुलाएंगे जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक
नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
निर्देश के अनुसार, जिलाधिकारी अपने जिले के प्रभारी मंत्री से जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक बुलाने का अनुरोध करेंगे। बैठक में जिले के नगर निकायों से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा और समीक्षा की जाएगी।
दो या अधिक निकायों के विलय का विकल्प
सरकार नगर निकायों के पुनर्गठन के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रही है। जरूरत के अनुसार दो या अधिक मौजूदा नगर निकायों का विलय कर नया निकाय बनाया जा सकता है।
इसके अलावा नगर निकाय से सटे ग्रामीण क्षेत्रों को उसकी सीमा में शामिल करने का भी विकल्प रखा गया है। इससे शहरों की प्रशासनिक सीमाओं का विस्तार हो सकता है।
छोटे निकायों का बढ़ सकता है दर्जा
पुनर्गठन की प्रक्रिया में छोटे नगर निकायों को बड़े निकाय में शामिल करने या उनके दर्जे में बदलाव पर भी विचार किया जाएगा।
वहीं, ऐसे ग्रामीण इलाकों को भी नगर निकाय का दर्जा दिए जाने की संभावना है, जहां आबादी और शहरी गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। इससे राज्य में नए नगर निकायों के गठन का रास्ता खुल सकता है।
तेजी से शहरी बन रहे गांवों की होगी पहचान
विभाग ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों की पहचान करेगा, जहां पिछले कुछ वर्षों में आबादी के साथ बाजार, व्यापार, आवासीय क्षेत्र और अन्य शहरी गतिविधियों का विस्तार हुआ है।
इन क्षेत्रों को नजदीकी नगर निकाय में शामिल करने या उनकी स्थिति के अनुरूप अलग नगर निकाय बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा सकता है।
सरकार का उद्देश्य ऐसे इलाकों को उनकी मौजूदा और भविष्य की शहरी जरूरतों के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
15 सितंबर तक भेजने होंगे प्रस्ताव
जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की समीक्षा और अनुशंसा के बाद जिलाधिकारी निर्धारित प्रपत्र में प्रस्ताव नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजेंगे।
सरकार ने प्रस्ताव भेजने की अंतिम समय-सीमा 15 सितंबर 2026 तय की है।
प्रस्तावों की समीक्षा के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
जिलों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर राज्य सरकार नगर निकायों के पुनर्गठन की आगे की प्रक्रिया शुरू करेगी।
इस पूरी कवायद के तहत तेजी से शहरीकरण वाले क्षेत्रों को बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ने, मौजूदा नगर निकायों की सीमाओं को जरूरत के अनुसार बढ़ाने और भविष्य की शहरी आबादी के लिए बुनियादी प्रशासनिक ढांचा तैयार करने पर जोर रहेगा।




