सिरसा हनीट्रैप कंचन केस की फिर खुलेगी फाइल: फायरिंग मामले में गैंग का सदस्य गिरफ्तार, पुलिस खंगालेगी क्रिमिनल हिस्ट्री
: फायरिंग मामले में गैंग का सदस्य गिरफ्तार, पुलिस खंगालेगी क्रिमिनल हिस्ट्री

सिरसा। सिरसा के चर्चित हनीट्रैप कंचन केस की जांच की परतें एक बार फिर खुलने की संभावना है। इस मामले में आरोपी और गिरोह के सदस्य रमनदीप को ऐलनाबाद फायरिंग मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसके बाद पुलिस अब आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि और पुराने मामलों की जानकारी जुटाने में लगी है।
बताया जा रहा है कि रमनदीप को ऐलनाबाद फायरिंग मामले में गिरफ्तार करने के बाद दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से फायरिंग की घटना के साथ-साथ उसके अन्य आपराधिक मामलों और संपर्कों को लेकर पूछताछ कर सकती है।
हनीट्रैप मामले से जुड़ा रहा है आरोपी
रमनदीप का नाम सिरसा के उस चर्चित हनीट्रैप मामले में भी सामने आया था, जिसमें आढ़ती और प्रॉपर्टी डीलर को कथित तौर पर जाल में फंसाने का मामला सामने आया था।
इस केस की मुख्य आरोपी के तौर पर कंचन का नाम सामने आया था। पुलिस जांच में गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई थी।
अब रमनदीप की नई गिरफ्तारी के बाद पुलिस पुराने मामले से जुड़े तथ्यों और आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड को दोबारा खंगाल सकती है।
कई राज्यों में केस होने की जानकारी
पुलिस आरोपी की क्रिमिनल हिस्ट्री की जांच कर रही है। इस दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि उसके खिलाफ हरियाणा के अलावा अन्य राज्यों में भी कोई आपराधिक मामला दर्ज है या नहीं।
इसके साथ ही पुलिस आरोपी के पुराने संपर्कों, गिरोह से जुड़े लोगों और उसके खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी जुटा सकती है।
ऐलनाबाद फायरिंग मामले में गिरफ्तारी
रमनदीप को ऐलनाबाद में हुई फायरिंग के मामले में पकड़ा गया है। पुलिस अब रिमांड के दौरान फायरिंग की घटना से जुड़े तथ्यों की जांच करेगी।
आरोपी से यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा सकता है कि फायरिंग के पीछे क्या कारण था और इस घटना में उसके साथ कौन-कौन लोग शामिल थे।
‘हमारे मठ’ की नजर
एक पुराने चर्चित हनीट्रैप केस से जुड़े आरोपी का दोबारा आपराधिक मामले में गिरफ्तार होना पुलिस के लिए पुराने रिकॉर्ड को खंगालने का अवसर है। हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मामलों और आरोपों को अदालत में दोष सिद्ध होने से अलग देखा जाना चाहिए। पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी




