सिरसा में बीरेंद्र-बृजेंद्र सिंह का दौरा स्थगित: कांग्रेस की गुटबाजी के बीच 9 अगस्त की बैठक पर नजर; विधायक सेतिया की चेतावनी का असर
कांग्रेस की गुटबाजी के बीच 9 अगस्त की बैठक पर नजर; विधायक सेतिया की चेतावनी का असर
सिरसा। सिरसा में कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान के बीच पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह और पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह का प्रस्तावित दौरा स्थगित हो गया है। दोनों नेताओं का 9 अगस्त को कांग्रेस भवन में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक का कार्यक्रम तय था।
यह कार्यक्रम कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष बैनिवाल के बुलावे पर आयोजित किया गया था। हालांकि, कार्यक्रम स्थगित होने के बाद कांग्रेस के अंदर चल रही गुटबाजी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जिलाध्यक्ष ने 9 अगस्त को बुलाई थी बैठक
कांग्रेस भवन में 9 अगस्त को कार्यकर्ताओं की बैठक प्रस्तावित थी। इसमें पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह और पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह के शामिल होने की जानकारी दी गई थी।
बैठक का उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करना बताया जा रहा था। अब दोनों नेताओं का दौरा स्थगित होने से बैठक के स्वरूप को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
विधायक गोकुल सेतिया ने जताई थी आपत्ति
सिरसा विधायक गोकुल सेतिया ने पूर्व में इस कार्यक्रम को लेकर चेतावनी दी थी। उनके रुख के बाद कांग्रेस के भीतर इस दौरे को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई थी।
दौरा स्थगित होने को इसी घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि कार्यक्रम स्थगित करने का आधिकारिक कारण स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है।
कांग्रेस में गुटबाजी फिर चर्चा में
सिरसा कांग्रेस में अलग-अलग नेताओं और गुटों के बीच राजनीतिक मतभेद समय-समय पर सामने आते रहे हैं। बीरेंद्र सिंह और बृजेंद्र सिंह के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर भी पार्टी के भीतर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
अब दौरा स्थगित होने के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या कांग्रेस संगठन आने वाले दिनों में सभी पक्षों को साथ लेकर चलने के लिए कोई नई रणनीति बनाएगा।
आगे क्या होगा?
9 अगस्त की प्रस्तावित बैठक और बीरेंद्र-बृजेंद्र सिंह के दौरे के स्थगन के बाद अब पार्टी कार्यकर्ताओं की नजर कांग्रेस संगठन के अगले कदम पर है। बैठक होगी या कार्यक्रम को आगे की तारीख के लिए टाला जाएगा, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
‘हमारे मठ’ की नजर
सिरसा कांग्रेस में नेताओं के बीच सामने आ रही राजनीतिक खींचतान का असर संगठनात्मक कार्यक्रमों पर दिखाई देने लगा है। हालांकि दौरा स्थगित होने के पीछे आधिकारिक वजह सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इसके पीछे राजनीतिक मतभेद कितने जिम्मेदार हैं



