19 साल से बिलासपुर में रह रहा संदिग्ध बांग्लादेशी हिरासत में
पुलिस का दावा- फर्जी आधार, पैन और वोटर आईडी समेत कई दस्तावेज मिले; NTPC में लिफ्ट मेंटेनेंस का काम करता था

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में STF और जिला विशेष शाखा ने एक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, सरकंडा क्षेत्र की सूर्या विहार कॉलोनी से पकड़े गए अतीक हुसैन (42) पिछले करीब 19 साल से बिलासपुर में रह रहा था और सीपत NTPC में लिफ्ट मेंटेनेंस का काम करता था।
2005 में भारत आने का दावा
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में अतीक ने अपना मूल पता बांग्लादेश के नारायणगंज जिले का बताया और वर्ष 2005 में भारत आने की बात कही। पुलिस के अनुसार, वह 2005 से 2007 तक तमिलनाडु में रहा और इसके बाद बिलासपुर आ गया। वर्ष 2007 से वह शहर में रह रहा था।
पुलिस को उसके सरकंडा स्थित किराए के मकान में होने की सूचना मिली थी। इसके बाद 24 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे STF और जिला विशेष शाखा की टीम ने दबिश देकर उसे हिरासत में लिया।
कई भारतीय दस्तावेज मिलने का दावा
पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान उसके पास भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और नौवीं कक्षा की अंकसूची समेत कई दस्तावेज मिले।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में अतीक ने इन दस्तावेजों को गलत तरीके से बनवाने की बात स्वीकार की है। दस्तावेजों की सत्यता और इन्हें तैयार कराने में शामिल लोगों या नेटवर्क की जांच की जा रही है।
NTPC में करता था लिफ्ट मेंटेनेंस का काम
पुलिस के मुताबिक, अतीक सीपत NTPC में BECO LIFTS PRIVATE LIMITED के माध्यम से लिफ्ट मेंटेनेंस का काम करता था।
पुलिस ने बताया कि करीब 20 दिन पहले सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की जांच के दौरान अतीक से भी पूछताछ हुई थी। इसके बाद उसे रायपुर के होल्डिंग सेंटर भेजा गया था, जहां से पुलिस के अनुसार वह फरार हो गया था।
बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया शुरू
अतीक को दोबारा हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने उसे रायपुर के होल्डिंग सेंटर भेजने की प्रक्रिया शुरू की है। पुलिस के मुताबिक, उसे बांग्लादेश डिपोर्ट करने की कार्रवाई की जाएगी और संबंधित दूतावास को भी जानकारी दी जा रही है।
पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-1905 जारी किया है।




