आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल में धीरज बोम्मादेवरा ने जीता गोल्ड: शूट-ऑफ में लगाया परफेक्ट 10, भारत के दूसरे चैंपियन तीरंदाज बने
पांच सेट के बाद मुकाबला 5-5 से बराबर, शूट-ऑफ में धीरज ने लगाया परफेक्ट 10 और जापान के नाकानिशी जुन्या ने 9 अंक बनाए

जापान के नाकानिशी जुन्या को 6-5 से हराया; पांच सेट के बाद स्कोर 5-5 रहा, निर्णायक शूट-ऑफ में धीरज ने 10 और जुन्या ने 9 अंक हासिल किए
नई दिल्ली। भारत के तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। रविवार को हुए फाइनल में धीरज ने जापान के नाकानिशी जुन्या को रोमांचक मुकाबले में हराया।
पांच सेट के बाद दोनों तीरंदाजों का स्कोर 5-5 से बराबर था। इसके बाद मुकाबला शूट-ऑफ में पहुंचा। निर्णायक शॉट में धीरज ने परफेक्ट 10 का निशाना लगाया, जबकि जुन्या 9 अंक ही हासिल कर सके। इस तरह धीरज ने मुकाबला 6-5 से जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल जीतने वाले भारत के दूसरे तीरंदाज
इस जीत के साथ धीरज आर्चरी वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के दूसरे तीरंदाज बन गए हैं।
उनसे पहले डोला बनर्जी ने 2007 में दुबई में विमेंस इंडिविजुअल रिकर्व इवेंट का खिताब जीता था। अब धीरज ने पुरुष रिकर्व वर्ग में यह उपलब्धि हासिल कर भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
दो बार पिछड़ने के बाद धीरज ने की शानदार वापसी
फाइनल में जापान के जुन्या ने शुरुआत से ही दबाव बनाया। उन्होंने पहला सेट जीतकर मुकाबले में 3-1 की बढ़त हासिल कर ली।
तीसरे सेट में धीरज ने शानदार वापसी की। उन्होंने 29 अंक हासिल करते हुए स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया। हालांकि चौथे सेट में जुन्या ने अपने तीनों तीर परफेक्ट लगाकर फिर से 5-3 की बढ़त बना ली।
निर्णायक पांचवें सेट में धीरज ने दबाव के बीच बेहतर प्रदर्शन किया। जुन्या ने 27 अंक बनाए, जबकि धीरज ने 28 अंक हासिल किए। इसके साथ स्कोर 5-5 हो गया और मुकाबले का फैसला शूट-ऑफ से हुआ।
शूट-ऑफ में धीरज ने 10 अंक का निशाना लगाया और जुन्या 9 अंक तक ही पहुंच सके।
क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में भी बड़ी जीत
विश्व रैंकिंग में 10वें स्थान पर मौजूद धीरज ने फाइनल से पहले भी शानदार प्रदर्शन किया।
क्वार्टर फाइनल में उन्होंने तुर्की के बर्किम ट्यूमर को सीधे सेटों में 7-1 से हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में रियो ओलिंपिक के सिल्वर मेडलिस्ट फ्रांस के ज्यां-चार्ल्स वेलाडोंट को भी 7-1 से शिकस्त दी।
धीरज पहली बार आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचे थे और अपने पहले ही फाइनल में खिताब जीतने में सफल रहे।
इससे पहले 2023 में वह सेमीफाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में हार गए थे। 2024 में भी वह पदक जीतने में कामयाब नहीं हुए थे।
अंताल्या में जीत के बाद किया था क्वालिफाई
धीरज ने तुर्की के अंताल्या में हुए वर्ल्ड कप स्टेज-3 में जीत हासिल कर वर्ल्ड कप फाइनल के लिए क्वालिफाई किया था।
आठ सदस्यीय एलीट फील्ड में भारत की ओर से सिर्फ धीरज ही जगह बनाने में सफल रहे थे।
अब एशियाई खेलों में भारतीय टीम की अगुआई करेंगे
वर्ल्ड कप फाइनल में गोल्ड जीतने के बाद धीरज की अगली बड़ी चुनौती एशियाई खेल हैं। वह भारतीय रिकर्व टीम की अगुआई करेंगे।
पिछले हांगझू एशियाई खेलों में धीरज ने टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता था। हालांकि व्यक्तिगत स्पर्धा में उन्हें क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था।
अब वर्ल्ड कप फाइनल का गोल्ड जीतने के बाद धीरज आत्मविश्वास के साथ एशियाई खेलों में उतरेंगे।



