BDO पर भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के आरोप: पत्नी को राजनीति में आगे बढ़ाने की कोशिश का भी दावा, EOU की छापेमारी में 16 प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले
“EOU की छापेमारी में पति-पत्नी के नाम 16 प्रॉपर्टी और 16 बैंक खातों की जानकारी सामने आई; पत्नी को लोकसभा टिकट और MLC बनाने की कोशिश का भी दावा, आय से 121.87% अधिक संपत्ति का केस”

पटना। बिहार में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) आनंद कुमार विभूति के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई के बाद उनकी संपत्ति और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामले जांच के दायरे में आ गए हैं। EOU ने 8 सितंबर को BDO से जुड़े पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। जांच एजेंसी के अनुसार, उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज है।
छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी को पति-पत्नी के नाम पर कुल 16 संपत्तियों के दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। इनमें 9 संपत्तियां आनंद कुमार विभूति और 7 उनकी पत्नी के नाम पर बताई गई हैं। इसके अलावा 16 बैंक खातों की जानकारी भी जांच के दायरे में है। एक बैंक लॉकर का भी पता चला है, जिसे न्यायालय के आदेश के बाद खोले जाने की बात कही गई है।
पत्नी को राजनीति में आगे बढ़ाने की कोशिश का दावा
मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि आनंद कुमार विभूति अपनी पत्नी रितू आनंद को राजनीति में आगे बढ़ाना चाहते थे। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान पत्नी के लिए टिकट की कोशिश किए जाने की बात कही गई है।
बताया गया है कि इसके बाद जनवरी 2025 में रितू आनंद ने भाजपा की सदस्यता ली और कुछ समय बाद उन्हें मुजफ्फरपुर पूर्वी का जिला मंत्री बनाए जाने का दावा किया गया। इस संबंध में एक भाजपा नेता के हवाले से करीब 5 लाख रुपए लिए जाने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
MLC बनाने की भी कोशिश का आरोप
लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद पत्नी को बिहार विधान परिषद का सदस्य यानी MLC बनाने की कोशिश किए जाने का भी दावा किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, इसके लिए तिरहुत और मिथिलांचल क्षेत्र को संभावित राजनीतिक आधार के तौर पर देखा जा रहा था। हालांकि, यह भी आरोपों और सूत्रों पर आधारित जानकारी है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
सरकारी योजनाओं में कमीशन लेने का आरोप
आनंद कुमार विभूति की पूर्व पोस्टिंग मुजफ्फरपुर के कांटी ब्लॉक में थी। स्थानीय सूत्रों के हवाले से सरकारी योजनाओं से जुड़े कामों में 15 प्रतिशत कमीशन तय होने का आरोप लगाया गया है।
दावे के अनुसार, कथित कमीशन में 5 प्रतिशत हिस्सा एक पूर्व मंत्री को, 8 प्रतिशत BDO को और 2 प्रतिशत हिस्सा कथित निजी बिचौलिए को दिया जाता था।
यह भी आरोप है कि योजनाओं से जुड़े कामों के लिए आने वाले लोगों को BDO कथित निजी बिचौलिए के पास भेजते थे। वहां कमीशन की बातचीत तय होने के बाद ही काम आगे बढ़ने का दावा किया गया है।
कांटी में रहते हुए शिकायत की गई थी
मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कांटी में पोस्टिंग के दौरान ही आनंद कुमार विभूति के खिलाफ EOU में लिखित शिकायत की गई थी। शिकायत में सरकारी योजनाओं और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े कई आरोप लगाए गए थे।
जांच एजेंसी ने शिकायतों की जांच के बाद 7 सितंबर को पटना में FIR दर्ज की। इसके अगले दिन 8 सितंबर को पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
पांच ठिकानों पर हुई छापेमारी
EOU की कार्रवाई इन स्थानों पर हुई थी—
- पूर्वी चंपारण: चिरैया थाना क्षेत्र के लालबेगिया स्थित पुश्तैनी घर।
- पटना: दानापुर के आशोचक स्थित साईं विहार अपार्टमेंट का फ्लैट।
- दरभंगा: बहादुरपुर ब्लॉक स्थित BDO कार्यालय।
- दरभंगा: BDO का सरकारी आवास।
- मुजफ्फरपुर: अहियापुर थाना क्षेत्र के सरस्वती नगर स्थित मकान।
16 प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिलने का दावा
EOU की जांच में पहले 9 संपत्तियों का उल्लेख था, लेकिन छापेमारी के दौरान कुल 16 प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है।
जांच एजेंसी के अनुसार, इनमें से 9 संपत्तियां आनंद कुमार विभूति और 7 उनकी पत्नी के नाम पर हैं। EOU यह भी जांच कर रही है कि संपत्तियों की खरीद में वास्तविक भुगतान कितना हुआ था।
जांच एजेंसी को कुछ संपत्तियों की रजिस्ट्री में सरकारी दर से कम मूल्य दर्ज होने की जानकारी मिली है। इसी आधार पर कथित तौर पर नकद भुगतान की संभावना की भी जांच की जा रही है।
बैंक खाते, म्यूचुअल फंड और गाड़ियों की भी जांच
छापेमारी में पति-पत्नी के नाम से 16 बैंक खातों की जानकारी मिलने की बात कही गई है। इन खातों को फिलहाल जांच के दायरे में रखा गया है।
जांच में सामने आई संपत्ति और निवेश से जुड़ी जानकारी में—
- लालबेगिया में जमीन पर मकान बनाने में करीब 70 लाख रुपए खर्च होने का दावा।
- म्यूचुअल फंड में करीब 70 लाख रुपए के निवेश की जानकारी।
- बीमा पॉलिसियों में सालाना करीब 1.50 लाख रुपए प्रीमियम जमा करने के सबूत।
- वर्ष 2025 में करीब 20 लाख रुपए की इनोवा कार खरीदने की जानकारी।
- एक स्कॉर्पियो वाहन होने की जानकारी।
आय से 121.87 प्रतिशत अधिक संपत्ति का केस
EOU के अनुसार, आनंद कुमार विभूति के खिलाफ करीब 1 करोड़ 71 लाख 84 हजार रुपए की आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। यह उनकी ज्ञात आय से 121.87 प्रतिशत अधिक बताई गई है।
जांच के अनुसार, अब तक सरकारी नौकरी से उन्हें करीब 99 लाख रुपए वेतन मिला। इसके अलावा करीब 42 लाख रुपए का लोन और अन्य स्रोतों से करीब 10 लाख रुपए की आय का उल्लेख किया गया है।
इसके बावजूद उनके पास करीब 2.60 करोड़ रुपए से अधिक की चल-अचल संपत्ति होने की बात केस में सामने आई थी। हालांकि, छापेमारी के बाद इससे अधिक संपत्ति के दस्तावेज मिलने का दावा किया गया है।
बाजार मूल्य और आय के स्रोतों की जांच
EOU अब छापेमारी में मिले संपत्तियों के दस्तावेजों के आधार पर उनका वास्तविक बाजार मूल्य पता कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इन संपत्तियों और निवेश के लिए रकम कहां से आई।
जांच एजेंसी कथित भ्रष्टाचार में शामिल अन्य लोगों, बिचौलियों और लेन-देन से जुड़े लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
आगे की जांच में आनंद कुमार विभूति से संपत्ति अर्जित करने के स्रोत, बैंक लेन-देन और सरकारी योजनाओं से जुड़े कथित कमीशन के संबंध में पूछताछ की जा सकती है।
नोट: इस खबर में भ्रष्टाचार, राजनीतिक गतिविधियों और कमीशन से जुड़े कई दावे जांच, सूत्रों और आरोपों पर आधारित हैं। अंतिम तथ्य जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे




