BSP लोहा चोरी केस में कथित मास्टरमाइंड संजय सिंह को जमानत
250 टन स्क्रैप चोरी के मामले में हाईकोर्ट ने दी राहत; बेटे अभय सिंह समेत कई आरोपियों को पहले ही मिल चुकी है जमानत

भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से करीब 250 टन लौह स्क्रैप चोरी के चर्चित मामले में कथित मास्टरमाइंड संजय सिंह को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। पुलिस ने आरोप लगाया था कि फ्लू डस्ट के परिवहन की आड़ में BSP का लौह स्क्रैप बाहर निकालकर खपाने वाले कथित नेटवर्क में संजय सिंह की प्रमुख भूमिका थी। मामले की शुरुआत 26 मई 2026 को हुई, जब फ्लू डस्ट ले जाने वाले दो वाहनों की जांच के दौरान उनमें आयरन स्क्रैप भी मिला। इसके बाद पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने प्लांट प्रबंधन की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने करीब 250 टन लोहे की प्लेट और बीम कटिंग समेत लगभग 3.22 करोड़ रुपए का माल जब्त करने का दावा किया और कई लोगों की भूमिका सामने आने की बात कही। पुलिस के मुताबिक संजय सिंह लंबे समय तक फरार रहा और बाद में उसे उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में उसके बेटे अभय सिंह को भी हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है, जबकि व्यवसायी हिमांशु खंडेलवाल को अग्रिम जमानत और BSP के पूर्व GM हिमांशु भूषण मलिक को नियमित जमानत मिल चुकी है। जांच के दौरान BSP के अधिकारियों की भूमिका भी पुलिस के दायरे में आई थी और GM हिमांशु भूषण मलिक तथा AGM मनोज कुमार देवांगन को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने प्लांट के भीतर स्क्रैप की निगरानी और निकासी व्यवस्था में कथित लापरवाही या मिलीभगत की आशंका जताई थी। संजय सिंह को जमानत मिलने के बाद अब मामले में आरोपी पक्ष को अदालत से राहत मिलने का सिलसिला आगे बढ़ा है। पुलिस की जांच में सामने आए आरोप, जब्त स्क्रैप और कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका का अंतिम निर्धारण अब न्यायिक प्रक्रिया और ट्रायल के दौरान होगा।




