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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट: दुर्ग-बस्तर संभाग में ज्यादा असर, बिजली गिरने की चेतावनी; गंगरेल के 6 गेट खुले

रायपुर-बस्तर-दुर्ग संभाग में बारिश का जोर; गंगरेल के 6 गेट खोलकर महानदी में 33 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा, प्रदेश के 46 जलाशयों में 91.10% जलभराव

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने 13 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का भी खतरा है।

पिछले 24 घंटे में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश हुई। बस्तर, रायपुर और दुर्ग संभाग में कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि बस्तर और दुर्ग संभाग में एक-दो जगह बहुत भारी बारिश भी हुई।

लगातार बारिश के कारण जलाशयों में पानी की आवक बढ़ी है। धमतरी के गंगरेल बांध के 6 गेट खोलकर महानदी में 33 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

अगले दो दिन भी बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। गरज-चमक के साथ बारिश के दौरान बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों और जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

रायपुर में 16.4 मिमी बारिश

राजधानी रायपुर में शनिवार को अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह 8:30 बजे तक 12 मिमी और शाम 5:30 बजे तक 4.4 मिमी बारिश हुई। इस तरह शहर में कुल 16.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।

रविवार को भी रायपुर में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 31 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस रायपुर में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस पेण्ड्रारोड में दर्ज किया गया।

महानदी उफान पर, गंगरेल के 6 गेट खोले

धमतरी जिले में लगातार बारिश के कारण महानदी का जलस्तर बढ़ गया है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक शनिवार शाम 7 बजे गंगरेल बांध के 6 गेट खोलकर महानदी में 33 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था।

बांध के कैचमेंट क्षेत्र से भी लगातार पानी की आवक बनी हुई है। इससे पहले 11 सितंबर की आधी रात को गंगरेल के 9 गेट खोलकर रिकॉर्ड 53 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।

बारिश के कारण राजिम स्थित त्रिवेणी संगम में भी जलस्तर बढ़ गया है। वहीं कोपरा एनीकट के पास एक युवक के बहने की सूचना सामने आई है।

46 जलाशयों में 91% से ज्यादा पानी

प्रदेश में मानसून के दस्तक देने के बाद से जलाशयों में लगातार पानी की आवक बनी हुई है। 12 सितंबर तक छत्तीसगढ़ में 1001 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इस अवधि के सामान्य औसत 1041.1 मिमी से करीब 4% कम है।

प्रदेश के 46 प्रमुख और मध्यम जलाशयों में औसत जलभराव 91.10% पहुंच गया है। इनमें 7 जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं, जबकि 18 जलाशयों में 90% से ज्यादा पानी है।

लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण धमतरी के रविशंकर सागर समेत कई जलाशयों के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

दुर्ग और बस्तर संभाग में ज्यादा बारिश

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में दुर्ग और बस्तर संभाग में बारिश की गतिविधियां ज्यादा रह सकती हैं। भारी बारिश के दौरान नदी-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

प्रशासन और जल संसाधन विभाग जलाशयों के जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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