गाजियाबाद में नर्स ने लगाए अगवा कर दुष्कर्म के आरोप: कार में मारपीट और वीडियो बनाने का दावा; पुलिस पर FIR न करने का आरोप
गाजियाबाद की 35 वर्षीय नर्स ने युवक पर कार में जबरन ले जाकर दुष्कर्म, मारपीट और आपत्तिजनक वीडियो बनाने के आरोप लगाए हैं। महिला ने पुलिस पर FIR दर्ज नहीं करने और 1.50 लाख रुपये देकर मामला खत्म करने की कोशिश का भी आरोप लगाया।

गाजियाबाद। गाजियाबाद में 35 वर्षीय एक नर्स ने एक युवक पर उसे जबरन कार में बैठाकर ले जाने, दुष्कर्म करने, मारपीट करने और आपत्तिजनक वीडियो बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि घटना के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा।
पीड़िता के मुताबिक, उसने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की, लेकिन उसकी FIR दर्ज नहीं की गई। उसने पुलिस पर अस्पताल से निकलने के बाद 1.50 लाख रुपये देकर मामला खत्म करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
25 अगस्त की घटना बताई
नर्स के अनुसार वह लॉकडाउन के दौरान नौकरी के लिए मुंबई से गाजियाबाद आई थी। फिलहाल वह दिल्ली के एक अस्पताल में काम करती है और गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में रह रही है।
उसका दावा है कि 25 अगस्त को मोरटा इलाके का एक युवक उसके पास कार लेकर आया और उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद वह उसे मोरटा में एक निर्माणाधीन इमारत के पास ले गया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि वहां युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया और कार में उसके साथ मारपीट की। उसने पुलिस में जाने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया।
आपत्तिजनक वीडियो बनाने का आरोप
नर्स का आरोप है कि युवक ने शराब पीने के बाद उसके आपत्तिजनक वीडियो बनाए और उन्हें दूसरों के साथ साझा करने की धमकी दी। महिला के मुताबिक, आरोपी ने उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया था।
पीड़िता के अनुसार, वह किसी तरह अपना फोन वापस लेने में सफल हुई। उसकी हालत बिगड़ने पर आरोपी उसे एक सोसाइटी के बाहर छोड़कर चला गया।
रात में 112 पर फोन कर मांगी मदद
महिला ने बताया कि उसने रात करीब 12:59 बजे पुलिस हेल्पलाइन 112 पर फोन किया। पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अपने साथ ले गई।
पीड़िता का कहना है कि उसने पुलिस को लिखित शिकायत दी और घटनास्थल की जानकारी भी दी। उसके मुताबिक, उसने पुलिस को अपने कपड़ों के बारे में भी बताया, लेकिन वे कपड़े बरामद नहीं किए गए।
थाने में पूछताछ और मेडिकल का दावा
नर्स के मुताबिक, करीब 12 से 13 पुलिसकर्मियों ने उससे पूछताछ की। इनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। इसके बाद उसे मधुबन बापूधाम थाने ले जाया गया।
उसका दावा है कि वह रात करीब 3 बजे से सुबह 6 बजे तक थाने में रही। इसके बाद उसका जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया।
पुलिस पर 1.50 लाख रुपये देने का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि अस्पताल से निकलने के बाद एक पुलिस अधिकारी, जिसे उसने रविंद्र कुमार नाम से बताया, ने उसे 1.50 लाख रुपये नकद दिए और वहां से चले जाने को कहा।
महिला का कहना है कि उसने FIR दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन उसके अनुसार मामला दर्ज नहीं किया गया। उसने इस संबंध में गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को ईमेल के जरिए शिकायत भेजने और मानवाधिकार आयोग को भी जानकारी देने की बात कही है।
बोली- मुझे पैसे नहीं, न्याय चाहिए
नर्स ने कहा कि उसकी तबीयत अभी पूरी तरह ठीक नहीं है और उसे दोबारा अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है। उसका कहना है कि वह पैसे नहीं चाहती, बल्कि मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय चाहती है।
महिला ने कहा कि स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद वह वरिष्ठ अधिकारियों से दोबारा शिकायत करेगी।
महत्वपूर्ण: इस मामले में लगाए गए आरोप पीड़िता के कथन पर आधारित हैं। पुलिस की ओर से FIR, जांच की स्थिति और 1.50 लाख रुपये दिए जाने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।




