हादसों के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था, रिंग रोड और एनएच पर आधी सड़क घेरकर खड़े रहते हैं भारी वाहन
जमशेदपुर हादसे में चार लोगों की मौत के बाद भी लापरवाही जारी, रांची-टाटा रोड और रांची-पुरुलिया मार्ग पर जगह-जगह अवैध पार्किंग; रात में दुर्घटनाओं का खतरा

नामकुम। झारखंड में सड़क हादसों के बावजूद भारी वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग पर लगाम नहीं लग पा रही है। रांची के रिंग रोड, रांची-टाटा रोड और रांची-पुरुलिया मार्ग पर कई स्थानों पर ट्रक और ट्रेलर आधी सड़क घेरकर खड़े रहते हैं। इससे सड़क पर चलने वाले अन्य वाहनों के लिए दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने और यातायात पुलिस की नियमित निगरानी के अभाव में कई चालक सड़कों को ही पार्किंग स्थल बना रहे हैं।
हाल ही में जमशेदपुर में एनएच किनारे खड़े ट्रक से टकराकर ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा सिंह समेत चार लोगों की मौत के बाद भी राजधानी के आसपास के इलाकों में स्थिति में खास बदलाव नहीं दिख रहा है। दैनिक भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में कई जगह भारी वाहन सड़क के बड़े हिस्से पर खड़े मिले।
खराब ट्रकों के पीछे नहीं होते पर्याप्त संकेतक
रिंग रोड पर एसबीयू के पास एक खराब ट्रक के पीछे रेडियम या रिफ्लेक्टर के बजाय केवल प्लास्टिक की बाल्टी रखी मिली। रात के अंधेरे और धुंध में ऐसे वाहन दिखाई नहीं देने से हादसों की आशंका बढ़ जाती है। कई जगह खड़े ट्रकों की टेल लाइट बंद रहती है और चेतावनी के लिए पर्याप्त रिफ्लेक्टर भी नहीं लगाए जाते।
सिदरौल से रामपुर चौक तक परेशानी
सिदरौल स्थित जोड़ा मंदिर सीमेंट गोदाम के पास सड़क किनारे ट्रकों की कतार लगी रहती है। इससे सड़क का एक हिस्सा बाधित हो जाता है। मां कलावती अस्पताल के समीप भी बड़े ट्रेलर बेतरतीब ढंग से खड़े रहते हैं, जिससे सामान्य यातायात के साथ आपातकालीन वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होने का खतरा रहता है। वहीं, रामपुर चौक पर भारी वाहनों के मुख्य लेन तक खड़े होने से यातायात प्रभावित होता है।
80 से 100 किमी की रफ्तार में बढ़ता है खतरा
तेज रफ्तार से चल रहे वाहनों के सामने अचानक खड़े ट्रक आने पर चालकों को संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिलता। रात और धुंध के दौरान दृश्यता कम होने से स्थिति और जोखिमपूर्ण हो जाती है। सड़क पर पर्याप्त चेतावनी संकेत और रिफ्लेक्टर नहीं होने से दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है।
जोरार में सड़क पर सजता है बाजार
रांची-पुरुलिया मुख्य मार्ग का चौड़ीकरण होने के बावजूद जोरार में सड़क पर अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है। दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे तक सब्जी विक्रेताओं और ठेला-फुचका दुकानदारों के कारण सड़क के किनारे और कुछ हिस्सों में भीड़ रहती है। खरीदारी करने वाले लोग सड़क पर खड़े रहते हैं। इसी दौरान तेज रफ्तार से बसों और अन्य वाहनों की आवाजाही से हादसे का खतरा बना रहता है।
दुर्गा सोरेन चौक पर भी जाम की समस्या
दुर्गा सोरेन चौक के आसपास चाय, गुटखा, सिगरेट और अन्य खोमचों के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा घिरा रहता है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि चाय-नाश्ते की दुकानों की आड़ में यहां अवैध रूप से शराब भी पिलाई जाती है। शाम होते ही लोगों की भीड़ बढ़ जाती है। ग्राहकों की बाइक और कारें सड़क पर खड़ी होने से जाम की स्थिति बनती है।
सड़क किनारे भारी वाहनों की पार्किंग, बाजार का अतिक्रमण और यातायात व्यवस्था की निगरानी में कमी के कारण इन मार्गों पर आवागमन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय स्तर पर इन समस्याओं के समाधान और सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है।




