झारखंड में पुतला दहन से राजनीति तेज: JPSC-JSSC विवाद में भाजपा-झामुमो आमने-सामने, 3 जिलों में 1000 लोगों पर केस
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद में प्रदर्शन के बाद तीन जिलों में एफआईआर; भाजपा ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया, झामुमो ने प्रदर्शन में भाजपा कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया

रांची। JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। शुक्रवार को पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प के बाद झारखंड के तीन जिलों में करीब 1000 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें 26 लोग नामजद हैं।
हजारीबाग में करीब 700 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। गिरिडीह में 11 नामजद समेत 36 लोगों को आरोपी बनाया गया है। वहीं रांची में भी तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज हुई हैं। कार्रवाई के बाद भाजपा और झामुमो आमने-सामने आ गए हैं और दोनों दलों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
रांची में 15 नामजद, 250 अज्ञात पर केस
रांची के कोतवाली और लोअर बाजार थाने में दर्ज मामलों में JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच से जुड़े लोगों को आरोपी बनाया गया है। कोतवाली थाने में रांची शहर के सीओ सह मजिस्ट्रेट शिवशंकर पांडेय के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में 15 लोगों को नामजद किया गया है। इसके अलावा करीब 250 अज्ञात प्रदर्शनकारियों पर भी केस दर्ज है।
रातू रोड निवासी अंकिता वर्मा ने मारपीट और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। वहीं लोअर बाजार थाने में शहबाज आलम ने मारपीट और गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए 10 लोगों को नामजद किया है।
प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने पर बिगड़ा माहौल
सीओ शिवशंकर पांडेय के मुताबिक, शुक्रवार शाम JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच से जुड़े करीब 250 छात्र मोरहाबादी से अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचे थे। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन करना चाहते थे।
अधिकारियों ने कार्यक्रम की अनुमति नहीं होने की जानकारी दी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि प्रदर्शनकारी निर्धारित मार्ग से अलग रेडियम रोड और कचहरी चौक होते हुए JPSC कार्यालय के पास पहुंच गए, जहां दूसरे पक्ष से मारपीट हो गई।
भाजपा ने सरकार पर लगाया आवाज दबाने का आरोप
मामले को लेकर भाजपा ने झारखंड सरकार पर निशाना साधा है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा संवैधानिक अधिकारों के कथित हनन का विरोध करेगी और जरूरत पड़ी तो सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। बाबूलाल मरांडी ने गिरिडीह, रामगढ़ और रांची में युवाओं के साथ हुई झड़पों को भी निंदनीय बताया।
झामुमो बोला- आंदोलन में भाजपा के उपद्रवी शामिल
झामुमो के केंद्रीय महासचिव एवं पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने भाजपा के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन में पीड़ित छात्र नहीं, बल्कि भाजपा के उपद्रवी शामिल थे।
मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि कोर्ट ने मामले में स्टे दिया है, अंतिम निर्णय नहीं। सरकार 15 दिन में हलफनामा दाखिल करेगी। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को लगता है कि सरकार या अदालत का रुख गलत है तो उसे कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार सख्ती से कार्रवाई करेगी।
परीक्षा विवाद से शुरू हुआ आंदोलन अब राजनीतिक टकराव में बदला
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। एक ओर भाजपा सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रही है, वहीं झामुमो आंदोलन के पीछे भाजपा समर्थित लोगों की भूमिका होने का दावा कर रहा है।
पुतला दहन और प्रदर्शन के बाद दर्ज हुई एफआईआर ने इस विवाद को और गरमा दिया है। अब मामले में पुलिस कार्रवाई और छात्र संगठनों की अगली रणनीति पर सभी की नजर है।




