गाइडेंस एंड काउंसलिंग कोर्स एनसीएएचपी की सूची में शामिल: आरयू के पीजीडीजीसी को मिली राष्ट्रीय पहचान, रजिस्ट्रेशन के बाद मिलेगी यूनिक आईडी
डिप्लोमा के बाद प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा, 5 साल की वैधता; हर साल 15 घंटे सीपीडी प्रशिक्षण का प्रावधान

काउंसलिंग के क्षेत्र में करियर बनाने वाले विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। राष्ट्रीय संबद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल वृत्ति परिषद (एनसीएएचपी) के रजिस्ट्रेशन रेगुलेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन गाइडेंस एंड काउंसलिंग (पीजीडीजीसी) को मान्य योग्यताओं की सूची में शामिल किया गया है। इससे इस पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर पेशेवर पहचान मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
रांची विश्वविद्यालय (आरयू) समेत कई विश्वविद्यालयों में गाइडेंस एंड काउंसलिंग की पढ़ाई कराई जा रही है। डिप्लोमा पूरा करने के बाद निर्धारित शर्तों को पूरा कर प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद संबंधित प्रोफेशनल की जानकारी राज्य और केंद्रीय रजिस्टर में दर्ज होगी तथा यूनिक आईडी (यूआईडी) जारी की जाएगी।
आरयू की वीसी प्रो. सरोज शर्मा ने इसे विश्वविद्यालय और विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उनके अनुसार, इससे छात्रों को प्रोफेशनल पहचान मिलने के साथ रोजगार के अवसरों की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
2021 में बना था अधिनियम, 2026 के विनियमों में रजिस्ट्रेशन व्यवस्था विस्तृत
एनसीएएचपी अधिनियम, 2021 में पंजीकरण व्यवस्था का आधार तैयार किया गया था। इसके बाद 2026 के विनियमों में रजिस्ट्रेशन, यूनिक आईडी, नवीनीकरण, कंटीन्यूइंग प्रोफेशनल डेवलपमेंट (सीपीडी) और एग्जिट एग्जाम सहित विभिन्न प्रावधानों को विस्तार दिया गया है।
आरयू में एक साल का नियमित पाठ्यक्रम
रांची विश्वविद्यालय में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन गाइडेंस एंड काउंसलिंग दो सेमेस्टर का एक वर्षीय नियमित पाठ्यक्रम है। इसमें सैद्धांतिक अध्ययन के साथ प्रायोगिक प्रशिक्षण भी शामिल है। विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप भी अनिवार्य है।
आरयू में इस पाठ्यक्रम के लिए 60 सीटें निर्धारित हैं।
डिप्लोमा के बाद प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन जरूरी
एनसीएएचपी के प्रावधानों के अनुसार मान्य प्रोफेशन में कार्य करने के लिए संबंधित रजिस्ट्रेशन आवश्यक होगा। राज्य परिषद में पंजीकरण के बाद संबंधित जानकारी केंद्रीय रजिस्टर में भेजी जाएगी और प्रोफेशनल को यूनिक आईडी दी जाएगी।
जिन राज्यों में राज्य परिषद गठित नहीं है, वहां केंद्रीय रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू होगी। केंद्रीय रजिस्टर में पंजीकरण के बाद संबंधित मान्य श्रेणी के तहत राज्यों में प्रैक्टिस का प्रावधान रहेगा।
5 साल की वैधता, हर साल 15 घंटे सीपीडी
रजिस्ट्रेशन की वैधता 5 वर्ष होगी। रजिस्ट्रेशन को जारी रखने के लिए प्रत्येक वर्ष कम से कम 15 घंटे कंटीन्यूइंग प्रोफेशनल डेवलपमेंट (सीपीडी) प्रशिक्षण पूरा करना होगा।
ऑनलाइन प्रशिक्षण कुल सीपीडी का अधिकतम 50 प्रतिशत हो सकता है। निर्धारित समय पर रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण नहीं कराने पर पंजीकरण निष्क्रिय किया जा सकता है।
काउंसलिंग को रोजगार से जोड़ने की दिशा में कदम
डॉ. परवेज हसन, एचओडी, साइकोलॉजी, आरयू ने कहा कि एनसीएएचपी की मान्य योग्यता सूची में गाइडेंस एंड काउंसलिंग डिप्लोमा को शामिल किया जाना करियर की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार, यह मान्यता विद्यार्थियों को अपने ज्ञान को प्रोफेशनल पहचान में बदलने की दिशा में आगे बढ़ाएगी।



