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कांग्रेस का वादा- सत्ता में आए तो OBC एक्ट लाएंगे

SC-ST एक्ट की तर्ज पर कानून बनाने की तैयारी का दावा; कांग्रेस के OBC विभाग ने यूपी में पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग को कानूनी संरक्षण देने की जरूरत बताई

लखनऊ। कांग्रेस 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपने घोषणा पत्र में OBC एक्ट लाने का वादा शामिल करने की तैयारी में है। पार्टी के OBC विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन डॉ. अनिल जयहिंद के मुताबिक, इस मुद्दे पर राहुल गांधी से चर्चा हो चुकी है और इस बार इसे यूपी के चुनावी संकल्प पत्र में शामिल करने की इच्छा है।

OBC एक्ट की जरूरत क्यों बता रही कांग्रेस

कांग्रेस के OBC विभाग का तर्क है कि SC-ST एक्ट की तरह पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग को भी कानूनी संरक्षण देने के लिए अलग कानून की जरूरत है। पार्टी इसके समर्थन में उत्तर प्रदेश में हुई कुछ आपराधिक घटनाओं का उदाहरण दे रही है।

कांग्रेस की ओर से प्रतापगढ़ में सौरभ विश्वकर्मा, अयोध्या में रामलगन मौर्य और गोंडा में विनोद कुमार साहनी की हत्या के मामलों का उल्लेख किया गया है। पार्टी का कहना है कि ऐसे मामलों में OBC वर्ग के लोगों को विशेष कानूनी संरक्षण की जरूरत महसूस होती है।

हालांकि, इन घटनाओं को OBC एक्ट की जरूरत से जोड़ना कांग्रेस की राजनीतिक व्याख्या है। उपलब्ध खबर में यह स्थापित नहीं किया गया है कि प्रस्तावित कानून इन घटनाओं को रोक सकता था।

OBC वोट पर कांग्रेस की नजर

वरिष्ठ पत्रकार आनंद राय के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में OBC आबादी को लेकर राजनीतिक दल लंबे समय से रणनीति बनाते रहे हैं। कांग्रेस राज्य में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है और OBC एक्ट का मुद्दा इस रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

खबर में OBC मतदाताओं को उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण माना गया है। कांग्रेस का अनुमान है कि कानूनी संरक्षण के मुद्दे को उठाकर पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग के बीच अपनी पहुंच बढ़ाई जा सकती है।

क्या सपा करेगी समर्थन?

खबर में समाजवादी पार्टी के संभावित रुख को लेकर कोई अंतिम फैसला सामने नहीं बताया गया है। वरिष्ठ पत्रकार आनंद राय के अनुसार, सपा का राजनीतिक आधार OBC और PDA की राजनीति से जुड़ा रहा है, लेकिन प्रस्तावित OBC एक्ट पर पार्टी कांग्रेस के साथ किस हद तक सहमत होगी, यह स्पष्ट नहीं है।

इस मुद्दे पर सपा की आधिकारिक प्रतिक्रिया का उल्लेख खबर में नहीं है।

कानून लागू करना कितना आसान होगा?

वरिष्ठ पत्रकार बृजेश शुक्ला ने प्रस्तावित कानून के व्यावहारिक पक्ष पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सबसे पहले यह स्पष्ट करना होगा कि कानून का आधार क्या होगा और अलग-अलग सामाजिक वर्गों के बीच विवाद होने की स्थिति में किस कानून के तहत कार्रवाई होगी।

वहीं, वरिष्ठ पत्रकार आनंद राय का तर्क है कि किसी वर्ग के लिए कानून बनाए जाने से अपने आप दूसरे वर्ग की नाराजगी जरूरी नहीं है। उनके मुताबिक, विवाद कानून के दुरुपयोग को लेकर पैदा हो सकता है और इसका असर कानून के इस्तेमाल के तरीके पर निर्भर करेगा।

SC-ST एक्ट की तर्ज पर OBC एक्ट का प्रस्ताव

कांग्रेस जिस मॉडल की बात कर रही है, वह SC-ST एक्ट की तर्ज पर OBC वर्ग के लिए कानूनी संरक्षण देने का प्रस्ताव है। हालांकि, खबर में प्रस्तावित OBC एक्ट का कोई विस्तृत ड्राफ्ट, धाराएं या लागू करने का निश्चित कानूनी ढांचा सामने नहीं दिया गया है।

इसलिए फिलहाल यह मुद्दा कांग्रेस की चुनावी घोषणा की तैयारी और राजनीतिक प्रस्ताव के स्तर पर है। 2027 के चुनावी संकल्प पत्र में इसका अंतिम स्वरूप क्या होगा और समाजवादी पार्टी समेत अन्य दल इसका समर्थन करेंगे या नहीं, यह आगे स्पष्ट होगा।

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