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यूपी में बारिश और बाढ़ का कहर, वाटरफॉल में फंसे 3 पर्यटक; 16 जिलों में बाढ़, 1.44 लाख लोग प्रभावित

चंदौली में अचानक बढ़े जलस्तर में तीन पर्यटक तीन घंटे तक पत्थर पर फंसे रहे, चित्रकूट में स्कूल बंद; वाराणसी में गंगा उफान पर और कई इलाकों में जलभराव।

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के बीच कई जिलों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। चंदौली में चंद्रप्रभा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से राजदारी-देवदारी वाटरफॉल के पास तीन पर्यटक तेज बहाव में फंस गए। तीनों ने एक ऊंचे पत्थर पर चढ़कर करीब तीन घंटे तक मदद का इंतजार किया, जिसके बाद पुलिस और वन विभाग की टीम ने रस्सी की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। दूसरी ओर चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है और रामघाट पर पानी सीढ़ियों तक पहुंच गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने कक्षा 8 तक के स्कूलों में दो दिन की छुट्टी घोषित की है और लोगों तथा श्रद्धालुओं को नदी के किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाट जलमग्न हो गए हैं और कई स्थानों पर जहां धार्मिक आयोजन होते थे, वहां पानी भर गया है। उन्नाव में गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद निचले इलाकों में बाढ़ का पानी अभी भी मौजूद है और लोगों के आवागमन के लिए एक दर्जन से अधिक नावें लगाई गई हैं। अमेठी में लगातार बारिश के कारण एसडीएम और सीओ के सरकारी आवासों में भी पानी भर गया, जिसके चलते अधिकारियों को दूसरी जगह शिफ्ट होना पड़ा। कौशांबी के जिला अस्पताल परिसर में जलभराव के कारण प्रसव के लिए लाई गई महिला को दूसरे वाहन से अस्पताल पहुंचाना पड़ा। मिर्जापुर में गंगा के बढ़ते जलस्तर के साथ अदवा बांध और बेलन नदी पर निगरानी बढ़ाई गई है, जबकि सोनभद्र के रिहंद बांध का जलस्तर 869.4 फीट तक पहुंच गया है, जो अधिकतम 870 फीट के बेहद करीब है। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार इस समय प्रदेश के 16 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि अब तक कुल 25 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं और वर्तमान में करीब 1.44 लाख आबादी प्रभावित है। प्रदेश में राहत और बचाव के लिए 1,618 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 127 मेडिकल टीमें सक्रिय हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के आसार हैं और आने वाले दिनों में पश्चिमी यूपी में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

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