MP में 24 सितंबर से भारी बारिश, आखिरी मानसूनी दौर
अब तक 33.9 इंच बारिश; 24 सितंबर से छतरपुर, सतना, दमोह समेत 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, नर्मदापुरम में बारिश से गणेश पंडालों को नुकसान

भोपाल। दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई से पहले मध्य प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 24 सितंबर से प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इससे पहले भी कई इलाकों में रिमझिम और हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने के आसार हैं।
प्रदेश में अब तक औसतन 33.9 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य मानसूनी कोटे का करीब 91 प्रतिशत है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बन रहा सिस्टम आगे बढ़ने के बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ा सकता है।
24 सितंबर से 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के मुताबिक 24 सितंबर को छतरपुर, सतना, दमोह, डिंडौरी, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
रविवार को उत्तर अंडमान सागर और आसपास बना निम्न दबाव क्षेत्र आगे बढ़ा। इसके 21 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर डिप्रेशन और 22 सितंबर को डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना जताई गई है। इसके प्रभाव से 24 सितंबर से बारिश का दौर तेज हो सकता है।
नर्मदापुरम में हवा-पानी से गणेश पंडालों को नुकसान
रविवार रात भोपाल और नर्मदापुरम में बारिश हुई। नर्मदापुरम में तेज हवा के बाद करीब 45 मिनट तक बारिश हुई। फेफरताल में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई और शहर का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा अंधेरे में रहा।
रसूलिया, आशुतोष नगर और हरदा रोड स्थित महाराणा प्रताप मार्केट में बारिश और हवा से गणेश पंडालों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
32 जिलों में सामान्य से कम बारिश
प्रदेश के कई जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है।
बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी समेत कई जिलों में 5 से 24 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी बारिश सामान्य से 5 से 49 प्रतिशत तक कम रही है।
23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के अनुसार अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
जून की कमी जुलाई-अगस्त में पूरी हुई, फिर भी कुल बारिश कम
प्रदेश में जून के दौरान सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश होने से स्थिति में सुधार हुआ, लेकिन मानसून के दौरान दो बार ब्रेक आने से बारिश की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी।
प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच है। अब तक कुल बारिश सामान्य से करीब 6 प्रतिशत कम बताई गई है।
बड़े शहरों में बारिश के पुराने रिकॉर्ड
भोपाल में सितंबर महीने की औसत बारिश करीब 7 इंच है। शहर में 2 सितंबर 1947 को 24 घंटे में 9.2 इंच बारिश का रिकॉर्ड दर्ज है।
इंदौर में सितंबर महीने में अब तक का रिकॉर्ड 30 इंच बारिश का है, जो 1954 में दर्ज हुआ था। ग्वालियर में सितंबर 1990 में करीब 25.5 इंच बारिश हुई थी।
जबलपुर में 20 सितंबर 1926 को 24 घंटे में करीब 8.5 इंच बारिश दर्ज हुई थी। उज्जैन में सितंबर 1961 में करीब 43 इंच बारिश हुई थी, जो सितंबर महीने का बड़ा रिकॉर्ड बताया गया है।




