SCO समिट में अचानक मिले मोदी-जिनपिंग, हाथ मिलाकर की बातचीत; आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को खत्म करने पर PM का जोर
बिश्केक में बिना तय द्विपक्षीय बैठक के दोनों नेताओं की मुलाकात, पुतिन भी साथ दिखे; PM मोदी ने आतंकवाद पर दोहरे रवैये के खिलाफ एकजुट कार्रवाई की अपील की
किर्गिस्तान के बिश्केक में 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अचानक मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत की। खास बात यह रही कि मोदी और जिनपिंग के बीच अलग से द्विपक्षीय बैठक पहले से तय नहीं थी, इसके बावजूद समिट के दौरान दोनों आमने-सामने आए। इस दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी दोनों नेताओं के साथ नजर आए। SCO समिट में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों को मिलकर कार्रवाई करने की जरूरत बताई। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी तरह का दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि सिर्फ आतंकियों को पकड़ना या उनके खिलाफ कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आतंकवाद की पूरी व्यवस्था को खत्म करना जरूरी है। इसमें आतंकवाद की फंडिंग, आतंकियों की भर्ती, कट्टरपंथ और उन्हें सुरक्षित पनाह देने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई शामिल है। मोदी ने कहा कि किसी देश के लिए आतंकवाद गलत और दूसरे के लिए सही नहीं हो सकता, इसलिए सभी देशों को आतंकवाद के खिलाफ एक जैसी सख्त नीति अपनानी चाहिए। उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि युद्ध किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है और देशों के बीच विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने SCO को केवल सुरक्षा और आर्थिक सहयोग का मंच नहीं, बल्कि विभिन्न देशों की सभ्यताओं, संस्कृतियों और विचारों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मंच भी बताया। समिट के दौरान सदस्य देशों के नेताओं ने सामूहिक फोटो भी खिंचवाई, जिसमें मोदी और शहबाज शरीफ एक ही मंच पर नजर आए। वहीं, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने SCO के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संगठन अब दुनिया का सबसे बड़ा क्षेत्रीय संगठन बन चुका है। उनके मुताबिक SCO देशों में दुनिया की करीब आधी आबादी रहती है और ये देश वैश्विक GDP के लगभग एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। पुतिन ने द्वितीय विश्व युद्ध के 87 वर्ष पूरे होने का जिक्र करते हुए दुनिया को नए संघर्षों से बचाने और देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। बिश्केक में मोदी-जिनपिंग की अचानक मुलाकात को दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है, हालांकि इस अनौपचारिक मुलाकात में क्या विस्तृत चर्चा हुई, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।




