सिरसा में 4 पुलिसकर्मियों ने समय से पहले छोड़ी नौकरी, बोले—बीपी और सोशल मीडिया का दबाव बना वजह
डेढ़ से चार साल तक की सर्विस बाकी थी, फिर भी परिवार और निजी जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देकर लिया VRS; पुलिस लाइन में DSP ने किया सम्मान

सिरसा जिला पुलिस में चार पुलिसकर्मियों ने समय से पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेकर पुलिस सेवा से विदाई ली। इनमें कुछ कर्मचारियों की करीब डेढ़ साल तो कुछ की तीन से चार साल तक की नौकरी बाकी थी, लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य, परिवार और निजी जिम्मेदारियों को देखते हुए आगे ड्यूटी जारी रखने के बजाय VRS लेना उचित समझा। 31 अगस्त को सिरसा पुलिस लाइन में रिटायर और VRS लेने वाले पुलिसकर्मियों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें DSP राजेश कुमार ने पुलिसकर्मियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। DSP ने कहा कि पुलिस की नौकरी जनसेवा का बेहतरीन माध्यम है, लेकिन पुलिसकर्मियों को अक्सर घर और परिवार से दूर रहकर अलग-अलग परिस्थितियों में ड्यूटी करनी पड़ती है, जिसके कारण वे अपने परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पाते। VRS लेने वाले SI ओमप्रकाश बोलान ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1989 में कांस्टेबल के पद पर पुलिस सेवा शुरू की थी और बाद में SI बने। उनकी करीब डेढ़ साल की सर्विस बाकी थी। उन्होंने बताया कि उन्हें BP की समस्या रहती थी और ड्यूटी के दौरान कहीं भी जाने पर स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी रहती थी। उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया का दबाव पुलिस की नौकरी को और चुनौतीपूर्ण बना रहा है। किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाए तो सवाल उठते हैं और कार्रवाई न की जाए तो भी सवाल खड़े होते हैं। उनके मुताबिक कई बार छोटी सी गलती या कार्रवाई को सोशल मीडिया पर बड़ा मुद्दा बना दिया जाता है और इसका दबाव पुलिसकर्मियों के साथ-साथ अधिकारियों पर भी रहता है। वहीं मनोज कुमार ने करीब साढ़े तीन से चार साल की सर्विस बाकी होने के बावजूद VRS लेने का फैसला किया। वर्ष 1991 में कांस्टेबल के रूप में भर्ती हुए मनोज कुमार ने बताया कि उनके तीनों बच्चों की शादी हो चुकी है और वे अपने-अपने काम में व्यवस्थित हैं। वह अब गौशाला में सेवा करने और गोसेवा के साथ धार्मिक गतिविधियों में समय देना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा का उनका अनुभव अच्छा रहा और VRS लेने की वजह नौकरी से कोई नाराजगी नहीं बल्कि जीवन की प्राथमिकताओं में बदलाव है। कार्यक्रम में रिटायर्ड इंस्पेक्टर कमलेश रानी को भी सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी पूरी सर्विस की और हांसी, डबवाली तथा सिरसा में तैनाती के दौरान महिला थाना इंचार्ज की जिम्मेदारी भी संभाली। उन्होंने कहा कि पुलिस की नौकरी में जिम्मेदारी बहुत अधिक होती है और परिवार को समय देना चुनौतीपूर्ण रहता है। सिरसा पुलिस में रिटायरमेंट और VRS लेने वाले कर्मचारियों के सम्मान का यह कार्यक्रम पुलिस सेवा के लंबे अनुभवों और बदलती पारिवारिक एवं व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को सामने लाता है। कुछ पुलिसकर्मियों के लिए स्वास्थ्य और सोशल मीडिया का बढ़ता दबाव चिंता का विषय रहा, जबकि कुछ ने परिवार की जिम्मेदारियां पूरी होने के बाद अपने समय को समाजसेवा और निजी जीवन के लिए समर्पित करने का फैसला किया।




