सिरसा बार चुनाव में मतदान शुरू, आधे घंटे में 33 वोट पड़े; प्रधान पद के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में
महिला वकीलों में दिखा खास उत्साह, EVM से हो रहा मतदान; सभी पैनल वकीलों को अपने पक्ष में करने में जुटे

सिरसा, 11 सितंबर। सिरसा बार एसोसिएशन के प्रधान सहित विभिन्न पदों के लिए शुक्रवार को मतदान शुरू हो गया। सुबह 9 बजे मतदान प्रक्रिया शुरू होने के बाद पहले आधे घंटे में करीब 33 वोट डाले गए। शुरुआती मतदान में महिला वकीलों की भागीदारी और उत्साह खास तौर पर देखने को मिला। चुनाव मैदान में उतरे सभी पैनल अपने-अपने पक्ष में मतदान कराने के लिए वकीलों से संपर्क कर रहे हैं। बार एसोसिएशन परिसर में सुरक्षा और चुनावी व्यवस्था को देखते हुए मुख्य गेट से ही प्रवेश की व्यवस्था की गई है, जबकि अन्य गेट बंद रखे गए हैं। इलेक्शन नोडल ऑफिसर विक्की रहेजा के अनुसार चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए 17 वकीलों की कमेटी बनाई गई है। मतदान EVM के माध्यम से कराया जा रहा है और विभिन्न पदों के लिए दो स्थानों पर अलग-अलग EVM मशीनें लगाई गई हैं। एडवोकेट एवं भाजपा नेता जगदीश चोपड़ा भी मतदान करने पहुंचे। वहीं, जजपा सुप्रीमो अजय चौटाला के भी मतदान के लिए पहुंचने की संभावना जताई गई, जबकि इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला के आने की कोई सूचना नहीं है। इस बार प्रधान पद के लिए कुल छह उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इनमें कुछ उम्मीदवार पहले भी बार एसोसिएशन के प्रधान रह चुके हैं। रमेश मेहता आठ बार, गुर रतल पाल सिंह किंगरा तीन बार और निवर्तमान प्रधान गंगाराम ढाका भी चुनाव मैदान में हैं। इसके अलावा आदित्य राठौड़ दो बार उपप्रधान और एक बार प्रधान रह चुके हैं। उम्मीदवारों की ओर से लाइब्रेरी, पार्किंग समेत बार एसोसिएशन से जुड़े कई मुद्दों पर काम कराने के दावे किए जा रहे हैं। सिरसा बार एसोसिएशन के इतिहास की बात करें तो सितंबर 1975 में सिरसा को जिला घोषित किए जाने के बाद इसी वर्ष बार एसोसिएशन का चुनाव हुआ था। उस चुनाव में बजरंग दास पहले प्रधान, रमेश मेहता उपप्रधान और वाईपी नंदा सचिव चुने गए थे। वर्ष 2026 तक बार एसोसिएशन में 45 प्रधान रह चुके हैं। इस बार कुछ नए मतदाता भी पहली बार चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बन रहे हैं, जिससे मुकाबले में नई सोच और नए मुद्दों को लेकर भी चर्चा है। चुनाव के लिए एडवोकेट विजय सिंह सहारण को रिटर्निंग ऑफिसर बनाया गया है, जबकि एडवोकेट अरविंदर सिंह वधवा, भूपेंद्र सिंह विनायक और अनिल कुमार वांधर को सह-रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी दी गई है। मतदान के दौरान चुनाव अधिकारी पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं और मतदान समाप्त होने के बाद परिणाम को लेकर तस्वीर साफ होगी। चुनाव प्रक्रिया की पल-पल की जानकारी पर सभी उम्मीदवारों और वकीलों की नजर बनी हुई है।




