नीरज के नामांकन से पहले नीतीश की ललन सिंह से मुलाकात, अनंत-नीरज विवाद सुलझाने पर मंथन
बिहार MLC चुनाव में JDU के अंदर बढ़ी खींचतान; अनंत सिंह ने पार्टी उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ खोला मोर्चा, PK के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में कर चुके हैं रोड शो

पटना। बिहार में विधान परिषद चुनाव को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर सियासी खींचतान तेज हो गई है। मोकामा से JDU विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। अनंत सिंह ने PK के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान किया है और उनके पक्ष में रोड शो भी कर चुके हैं।
इस बीच पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार के नामांकन से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बातचीत हुई। राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
अनंत-नीरज विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी ललन सिंह को
JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के मुताबिक, अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद को सुलझाने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को दी गई है। ऐसे में नीतीश कुमार की ललन सिंह से मुलाकात को इस विवाद को खत्म करने की कोशिशों के तौर पर देखा जा रहा है।
इससे पहले ललन सिंह का एक पुराना बयान भी सोशल मीडिया पर चर्चा में आया था। इसके अगले दिन नीतीश कुमार का उनके आवास पहुंचना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नीरज के समर्थन में पार्टी नेता
विवाद बढ़ने के बाद JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने अनंत सिंह के रुख को गलत बताया। इसके बाद पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर उन्होंने कहा कि नीरज कुमार पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार हैं और सभी कार्यकर्ताओं को उनकी जीत के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए।
वहीं, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने भी नीरज कुमार के समर्थन में बयान दिया है।
अनंत सिंह बोले- ‘पार्टी रहे या जाए, मैं पीछे नहीं हटूंगा’
अनंत सिंह ने अपने बयानों में पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी नाराजगी खुलकर रखी है। उनका कहना है कि वह नीतीश कुमार को मानते हैं और उनके लिए संघर्ष भी किया है। अनंत सिंह ने दावा किया कि उन्होंने नीतीश कुमार के लिए गोली तक खाई और कई लोगों की कुर्बानी दी।
हालांकि, नीरज कुमार के साथ पुराने राजनीतिक विवादों का हवाला देते हुए अनंत सिंह ने सवाल उठाया कि जब वह विधानसभा चुनाव लड़ रहे थे, तब उनके खिलाफ कथित तौर पर काम करने पर पार्टी ने कार्रवाई क्यों नहीं की।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर पार्टी में नियम हैं तो वे सभी नेताओं पर समान रूप से लागू होने चाहिए। अनंत सिंह के मुताबिक, वह किसी के कर्मचारी नहीं हैं और इस मामले में पीछे हटने का उनका कोई इरादा नहीं है।
‘जिम्मेदारी देने वाले खुद जिम्मेदारी क्यों नहीं लेते’
संजय झा द्वारा ललन सिंह को विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी दिए जाने पर भी अनंत सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब ललन सिंह को जिम्मेदारी दी जा रही है तो पार्टी के बड़े नेता खुद इसकी जिम्मेदारी क्यों नहीं लेते।
अनंत सिंह का यह रुख JDU नेतृत्व के लिए चुनौती माना जा रहा है, क्योंकि मामला पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ खुली बगावत तक पहुंच चुका है।
अनुज सिंह के समर्थन में कर चुके हैं रोड शो
अनंत सिंह 2 अक्टूबर को PK के उम्मीदवार अनुज सिंह के नामांकन में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने नवादा और नालंदा में अनुज सिंह के समर्थन में रोड शो किया।
नवादा के वारिसलीगंज में उन्होंने समर्थकों से अनुज कुमार के पक्ष में भारी मतदान करने की अपील की। उनके रोड शो के दौरान समर्थकों की भीड़ जुटी और कई जगहों पर जेसीबी से फूल बरसाकर उनका स्वागत किया गया।
अनंत सिंह ने अपने प्रचार के दौरान अपने समर्थकों से विरोधी उम्मीदवार की जमानत जब्त कराने की अपील भी की।
अब नजर नीरज के नामांकन और JDU की रणनीति पर
नीरज कुमार के नामांकन से पहले नीतीश कुमार और ललन सिंह की मुलाकात ने बिहार की सियासत में इस विवाद को और चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व अनंत सिंह को मनाने में सफल होता है या फिर JDU के अंदर यह टकराव चुनाव तक जारी रहता है।
हमारे मठ | RNI NO. HARHIN/2023/90591




