आंदोलनरत छात्रों की मदद के लिए बढ़े हाथ: दुकान के लिए बनी 250 प्लेट बिरयानी छात्रों को खिलाई; छात्रा ने पॉकेट मनी से बांटे समोसे
दुकान के लिए बनी 250 प्लेट बिरयानी छात्रों को खिलाई; छात्रा ने पॉकेट मनी से बांटे समोसे
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में आम लोगों की मदद और संवेदनशीलता की तस्वीर सामने आई है। आंदोलनरत छात्रों के लिए किसी ने दुकान के लिए तैयार की गई 250 प्लेट बिरयानी मुफ्त में खिला दी, तो एक छात्रा ने अपनी पॉकेट मनी से समोसे खरीदकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच बांटे।
दुकान के लिए बनाई थी 250 प्लेट बिरयानी
बिरयानी विक्रेता ने बताया कि उसने दुकान पर बेचने के लिए करीब 250 प्लेट बिरयानी तैयार की थी। लेकिन आंदोलन कर रहे छात्रों की स्थिति देखकर उसने बिरयानी बेचने के बजाय उन्हें खिलाने का फैसला किया।
उसका कहना है कि जब कई लोग छात्रों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं तो उसे भी लगा कि वह अपने स्तर पर कुछ योगदान करे। उसने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पहुंचकर छात्रों को बिरयानी बांटी।
उसके मुताबिक, छात्रों को खाना खिलाने के बाद उसे अलग तरह का सुकून महसूस हुआ।
छात्रा ने पॉकेट मनी से बांटे समोसे
आंदोलन में शामिल छात्रों की मदद के लिए एक छात्रा भी आगे आई। उसने अपनी पॉकेट मनी से समोसे खरीदे और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच बांटे।
छात्रा का यह प्रयास भी वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना।
आंदोलन के बीच दिखी इंसानियत
छात्रों के आंदोलन के दौरान कई लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार मदद का हाथ बढ़ाया। किसी ने भोजन उपलब्ध कराया तो किसी ने नाश्ता बांटा।
इन घटनाओं ने यह दिखाया कि आंदोलन के बीच भी आम लोग अपनी व्यक्तिगत क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आ सकते हैं।
‘हमारे मठ’ की नजर
250 प्लेट बिरयानी को बेचने के बजाय आंदोलनरत छात्रों को खिलाना और छात्रा का अपनी पॉकेट मनी से समोसे बांटना सामाजिक सहयोग की तस्वीर पेश करता है। किसी आंदोलन के मुद्दे या राजनीतिक पक्ष से अलग, जरूरत के समय भोजन और सहयोग उपलब्ध कराना मानवीय संवेदना का उदाहरण है।



