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गैंगस्टर मर्डर, अजीत थुराना गैंग पर शक: 18 साल पुरानी रंजिश में विनोद काणा की हत्या, कोर्ट में दिनदहाड़े फायरिंग

18 साल पुरानी गैंगवार में हत्या का शक; कोर्ट में फायरिंग के दौरान विनोद काणा को 6 गोलियां लगीं, एक आरोपी पकड़ा गया, दूसरे की तलाश जारी

हिसार। हिसार कोर्ट परिसर में दिनदहाड़े गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काणा की हत्या के मामले में पुलिस की जांच अजीत पहलवान गैंग की ओर बढ़ रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विनोद काणा और अजीत पहलवान दोनों थुराना गांव के रहने वाले थे और वर्ष 2008 से दोनों के बीच वर्चस्व को लेकर रंजिश चली आ रही थी।

बताया जा रहा है कि पुरानी गैंगवार के दौरान अजीत गैंग के हमले में विनोद पानू की एक आंख चली गई थी। इसके बाद दोनों गुटों के बीच दुश्मनी और गहरी हो गई। पुलिस अब इसी पुरानी रंजिश को हत्या की एक प्रमुख वजह मानकर जांच कर रही है।

कोर्ट में बरी होने के बाद हुआ हमला

विनोद पानू गुरुवार को एक हत्या प्रयास के मामले में कोर्ट में पेश हुआ था। मामले में बरी होने के बाद वह अपने साथियों के साथ पार्किंग की ओर जा रहा था। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे दो नकाबपोश बदमाशों ने उस पर फायरिंग कर दी।

गोलीबारी में विनोद काणा और उसके दो साथी घायल हुए। विनोद को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल से गोलियों के 14 खोल बरामद किए गए हैं।

एक हमलावर को साथियों ने पकड़ लिया

फायरिंग के बाद हमलावर मौके से भागने लगे। विनोद के साथियों ने पीछा कर एक आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी की पहचान राकेश पुत्र बलराज, निवासी गांव खरड़ के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार राकेश पर पहले से सात आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके दूसरे साथी की तलाश की जा रही है।

हत्या से पहले सोशल मीडिया पर वीडियो

वारदात से पहले विनोद काणा और उसके साथियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। बताया जा रहा है कि हत्या प्रयास के मामले में कोर्ट से राहत मिलने के बाद सभी साथियों ने एक साथ तस्वीरें और वीडियो बनाए थे। इसके बाद वे लग्जरी गाड़ियों के काफिले में कोर्ट पहुंचे थे।

पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हमलावरों को विनोद के कोर्ट आने की जानकारी मिली थी।

सुरक्षा को लेकर था खतरा

जांच में यह भी सामने आया है कि विनोद काणा को पहले से हमले का डर था। बताया जा रहा है कि वह अपनी लग्जरी गाड़ी को कोर्ट परिसर के अंदर ले जाना चाहता था, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने गाड़ी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी।

इसके बाद जब वह पैदल पार्किंग की ओर बढ़ रहा था, उसी दौरान हमलावरों ने फायरिंग कर दी।

विनोद काणा पर दर्ज थे 31 आपराधिक मामले

हिसार एसपी सिद्धांत जैन के अनुसार, मृतक विनोद उर्फ पानू उर्फ काणा के खिलाफ विभिन्न धाराओं में 31 आपराधिक मामले दर्ज थे। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास और लूट सहित कई गंभीर मामले शामिल हैं।

पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ के आधार पर मामले की बाकी कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। दूसरे आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीमें जुटी हुई हैं।

18 साल पुरानी रंजिश की जांच

पुलिस अब हत्या के पीछे पुरानी गैंगवार, हालिया अदालती घटनाक्रम और सोशल मीडिया गतिविधियों समेत कई पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद वारदात की पूरी वजह और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट होगी।

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