राव इंद्रजीत के समर्थन में आए कुलदीप बिश्नोई, BJP को दी नसीहत
बोले—वरिष्ठ नेताओं के सम्मान और अनुभव से ही मजबूत होगा संगठन, नई पीढ़ी को अवसर के साथ वरिष्ठों का मार्गदर्शन भी जरूरी

हिसार। हरियाणा भाजपा की अंदरूनी राजनीति में वरिष्ठ नेताओं के सम्मान को लेकर बहस तेज होती नजर आ रही है। गुरुग्राम में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता राव इंद्रजीत सिंह की ओर से मंच पर कथित उपेक्षा को लेकर जताई गई नाराजगी के बाद अब पूर्व सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता कुलदीप बिश्नोई खुलकर उनके समर्थन में सामने आए हैं। कुलदीप बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की वास्तविक मजबूती इस बात से तय होती है कि वह अपने वरिष्ठ नेताओं, उनके लंबे राजनीतिक संघर्ष, अनुभव और योगदान को कितना सम्मान देता है। उन्होंने कहा कि राव इंद्रजीत सिंह देश और हरियाणा की राजनीति के अत्यंत वरिष्ठ, अनुभवी और सम्मानित नेता हैं तथा हरियाणा में भाजपा सरकार के गठन, पार्टी के विस्तार और संगठन को मजबूत करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि संगठन में नई पीढ़ी को आगे बढ़ाना, नए चेहरों को अवसर देना और दूसरी-तीसरी पंक्ति का नेतृत्व तैयार करना जरूरी है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं होना चाहिए कि वरिष्ठ नेताओं के राजनीतिक कद को कम किया जाए या उन्हें उपेक्षित महसूस कराया जाए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं का दशकों का राजनीतिक अनुभव पार्टी की अमूल्य पूंजी होता है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में संगठन को संभाला है, राजनीतिक उतार-चढ़ाव देखे हैं और जनता के बीच लंबे संघर्ष के बाद अपना स्थान बनाया है। ऐसे नेताओं के अनुभव और जनाधार का पार्टी को भरपूर लाभ उठाना चाहिए। कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी या उनके सम्मान को लेकर किसी भी प्रकार का गलत संदेश संगठन को मजबूत करने के बजाय कमजोर कर सकता है। उन्होंने राव इंद्रजीत सिंह के राजनीतिक कद का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका हरियाणा की राजनीति में बड़ा प्रभाव और व्यापक जनाधार है तथा वह व्यक्तिगत रूप से राव साहब का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा एक मजबूत संगठन है और इसकी शक्ति वरिष्ठ नेतृत्व के अनुभव तथा युवा नेतृत्व की ऊर्जा के बेहतर समन्वय में है। वरिष्ठों का सम्मान और नई पीढ़ी को अवसर दोनों साथ-साथ चलेंगे, तभी संगठन और अधिक मजबूत होगा। कुलदीप बिश्नोई का यह बयान ऐसे समय आया है जब गुरुग्राम के कार्यक्रम में राव इंद्रजीत सिंह ने मंच से कार्यक्रम में स्थानीय लोगों और संबंधित जनप्रतिनिधियों को पर्याप्त महत्व नहीं दिए जाने पर सवाल उठाए थे। राव इंद्रजीत ने कहा था कि कार्यक्रम में स्थानीय लोगों को आमंत्रित नहीं किया गया, जिस पर उन्हें आपत्ति है। उन्होंने मंच से यह भी सवाल उठाया कि यदि कार्यक्रम किसी अन्य लोकसभा क्षेत्र में होता तो क्या वहां के सांसद या वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यक्रम में भी यदि वरिष्ठ नेताओं को उचित सम्मान नहीं दिया जाएगा तो इस पर विचार होना चाहिए। राव इंद्रजीत ने हरियाणा और पंजाब से जुड़े सामाजिक एवं राजनीतिक संबंधों का भी उल्लेख किया और कहा कि विभाजन के दौरान बड़ी संख्या में विस्थापित लोग हरियाणा आए तथा हरियाणा के लोगों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने हरियाणा के राजनीतिक इतिहास में पंजाबी समाज की भूमिका और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राजनीति और समाज में किसी भी वर्ग के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। राव इंद्रजीत के बयान और अब कुलदीप बिश्नोई के समर्थन के बाद हरियाणा भाजपा में वरिष्ठ नेताओं की भूमिका, सम्मान और संगठन के भीतर समन्वय को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुलदीप बिश्नोई स्वयं भी कई मौकों पर पार्टी संगठन में अपनी उपेक्षा को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में हिसार से टिकट नहीं मिलने के बाद उनकी नाराजगी सामने आई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उनसे मुलाकात कर उन्हें मनाने का प्रयास किया था। इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की ओर से चौधरी भजनलाल को लेकर की गई टिप्पणी के बाद भी बिश्नोई परिवार की नाराजगी चर्चा में रही थी। अब राव इंद्रजीत के समर्थन में कुलदीप बिश्नोई के बयान ने पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेताओं के सम्मान के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
कुलदीप बिश्नोई के बयान की प्रमुख बातें
राव इंद्रजीत का समर्थन: कुलदीप बिश्नोई ने राव इंद्रजीत सिंह को वरिष्ठ एवं अनुभवी नेता बताते हुए उनके योगदान का सम्मान करने की बात कही।
वरिष्ठों का सम्मान: उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं का अनुभव और जनाधार संगठन की महत्वपूर्ण पूंजी है।
नई पीढ़ी को अवसर: नए चेहरों और युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने के साथ वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन जरूरी बताया।
संगठन की मजबूती: वरिष्ठ अनुभव और युवा ऊर्जा के बेहतर समन्वय को भाजपा की मजबूती का आधार बताया।
राव की नाराजगी: गुरुग्राम कार्यक्रम में स्थानीय नेताओं एवं जनप्रतिनिधियों को पर्याप्त महत्व नहीं मिलने पर राव इंद्रजीत ने आपत्ति जताई थी।




