बस सेवा बंद होने पर छात्रों का फूटा गुस्सा: हांसी में रोडवेज बस रोककर प्रदर्शन, बोले- एक हफ्ते से परेशान
एक सप्ताह से दोपहर 2:40 और सुबह 9 बजे की बसें बंद होने से छात्र परेशान; बस रोककर जताया विरोध, अधिकारियों ने एक सेवा आज से शुरू करने का दिया आश्वासन

हांसी। गांव घिराय में रोडवेज बस सेवा बाधित होने से परेशान स्कूली छात्रों ने शुक्रवार सुबह विरोध प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने खानपुर से हिसार जा रही रोडवेज बस को रोककर अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी। छात्रों का कहना है कि करीब एक सप्ताह से बस सेवा बंद होने के कारण स्कूल आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है।
विद्यार्थियों के अनुसार, हिसार से खानपुर के लिए दोपहर 2:40 बजे चलने वाली बस पिछले कई दिनों से बंद है। इसके अलावा सुबह 9 बजे हिसार से गांव की ओर आने वाली बस सेवा भी संचालित नहीं हो रही। स्कूल की छुट्टी के बाद छात्रों को गांव लौटने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
अधिकारियों को पहले भी दी थी जानकारी
छात्रों ने बताया कि बस सेवा बंद होने की समस्या के संबंध में रोडवेज विभाग के अधिकारियों को पहले भी अवगत कराया गया था, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसके बाद शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे विद्यार्थियों ने खानपुर से हिसार जा रही बस को गांव घिराय में रोक दिया।
सरपंच प्रतिनिधि ने अधिकारियों से की बात
बस रोके जाने की सूचना मिलने पर गांव के सरपंच प्रतिनिधि संदीप कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने हिसार रोडवेज डिपो के ड्यूटी इंचार्ज पवन से फोन पर बातचीत कर विद्यार्थियों की समस्या बताई।
दोपहर वाली बस आज से शुरू करने का आश्वासन
ड्यूटी इंचार्ज ने बताया कि हिसार से दोपहर 2:40 बजे खानपुर के लिए चलने वाली बस सेवा शुक्रवार से दोबारा शुरू कर दी जाएगी। वहीं, सुबह 9 बजे चलने वाली बस सेवा नगर परिषद कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने के बाद शुरू की जा सकेगी।
अधिकारी के अनुसार, रोडवेज विभाग के कुछ ड्राइवरों को नगर परिषद में ड्यूटी पर भेजे जाने के कारण बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
बातचीत के बाद बस को जाने दिया
अधिकारियों से बातचीत और बस सेवा बहाल करने के आश्वासन के बाद विद्यार्थियों ने सुबह करीब 9:15 बजे रोडवेज बस को हिसार के लिए रवाना कर दिया।
ग्रामीणों और छात्रों ने मांग की है कि दोनों बस सेवाओं को नियमित किया जाए, ताकि स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को रोजाना आने-जाने में परेशानी का सामना न करना पड़े।