सूरजभान सिंह की तबीयत बिगड़ी, चेन्नई में भर्ती; बाहुबली से सांसद बनने तक का सफर रहा विवादों से भरा
सीने में तेज दर्द के बाद पटना से दिल्ली और फिर चेन्नई ले जाया गया, आपराधिक मामलों से लेकर राजनीति तक सूरजभान सिंह का नाम लंबे समय तक चर्चा में रहा

पूर्व सांसद और बिहार के चर्चित बाहुबली नेता सूरजभान सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें चेन्नई में भर्ती कराया गया है। बताया गया कि करीब एक सप्ताह पहले पटना स्थित आवास पर उन्हें सीने में तेज दर्द और दिल से जुड़ी परेशानी महसूस हुई थी, जिसके बाद उन्हें पटना के मेडीवर्सल मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। बाद में उन्हें दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया और अब परिजन उन्हें आगे के इलाज के लिए चेन्नई लेकर गए हैं। सूरजभान सिंह का नाम बिहार की अपराध और राजनीति की दुनिया में लंबे समय तक प्रभावशाली रहा है। उनके जीवन की शुरुआत एक किसान परिवार से हुई थी और पिता चाहते थे कि वह सेना में भर्ती होकर परिवार का सहारा बनें, लेकिन कम उम्र में ही वह अपराध की दुनिया में प्रवेश कर गए। मोकामा क्षेत्र में उनका नाम किडनैपिंग, रंगदारी और हत्या जैसे मामलों से जुड़ता रहा और धीरे-धीरे उनकी पहचान बाहुबली के रूप में बनने लगी। मीडिया रिपोर्ट्स में उनके पिता और बड़े भाई की आत्महत्या का भी जिक्र मिलता है, हालांकि इन घटनाओं से जुड़ी परिस्थितियों के विवरण अलग-अलग स्रोतों में अलग तरह से सामने आए हैं। सूरजभान सिंह का नाम 1998 के चर्चित बृजबिहारी प्रसाद हत्याकांड में भी सामने आया था। सीबीआई जांच के दौरान उन पर हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप लगे और निचली अदालत से उन्हें सजा भी हुई, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में उन्हें इस मामले में बरी कर दिया। उनके खिलाफ अन्य आपराधिक मामलों का भी उल्लेख मिलता रहा, जिनमें कुछ मामलों में उन्हें आरोपों से बरी किया गया। उनके जीवन का एक चर्चित प्रसंग उत्तर प्रदेश के अपराधी श्रीप्रकाश शुक्ला से जुड़ा बताया जाता है। पूर्व आईपीएस राजेश पांडेय के हवाले से रिपोर्ट में दावा किया गया कि सूरजभान सिंह ने श्रीप्रकाश शुक्ला को एके-47 देने की बात कही थी और वीरेंद्र शाही पर हमला करने की शर्त रखी थी। इसी क्रम में गोरखपुर में शाही पर हमला हुआ, जिसमें उनके गनर की मौत और शाही के घायल होने की बात सामने आई। इसके अलावा सूरजभान सिंह की दुश्मनी गैंगस्टर अशोक सम्राट से भी बताई जाती है। 1992 में मोकामा में उन पर हुए एक हमले का जिक्र मिलता है, जिसमें गोलीबारी के दौरान उनके कुछ साथी मारे गए और वह खुद बच निकले। इसके बाद उन्होंने अपराध की दुनिया में अपनी पकड़ मजबूत की। समय के साथ सूरजभान सिंह ने अपराध से राजनीति की ओर कदम बढ़ाया और सांसद भी बने। यही दौर उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आया, क्योंकि जिस व्यक्ति की पहचान कभी मोकामा के बाहुबली के तौर पर होती थी, उसने चुनावी राजनीति में भी अपनी जगह बनाई। हालांकि राजनीति में आने के बाद भी उनके पुराने आपराधिक मामलों और विवादों का जिक्र लगातार होता रहा। अब उनकी तबीयत बिगड़ने और चेन्नई में भर्ती होने की खबर के बाद एक बार फिर उनका नाम सुर्खियों में है। फिलहाल उनके स्वास्थ्य को लेकर विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है और उनके परिवार की ओर से आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन का इंतजार है।



