पटना के LNJP अस्पताल में खिलाड़ियों को मिलेगी आधुनिक स्पोर्ट्स इंज्यूरी सुविधा
अक्टूबर तक सेंटर शुरू होने की उम्मीद, कंधे-घुटने और एंकल की चोटों का दूरबीन से ऑपरेशन; सर्जरी से रिहैबिलिटेशन तक एक ही सिस्टम में इलाज

पटना के लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल (LNJP) में खिलाड़ियों के लिए स्पोर्ट्स इंज्यूरी के इलाज की आधुनिक सुविधा जल्द शुरू होने की उम्मीद है। अस्पताल प्रशासन ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं और अक्टूबर तक यह सुविधा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। एक एमओयू साइन होने के बाद सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों की टीम LNJP का निरीक्षण कर चुकी है और निरीक्षण के बाद तैयार रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई है। नई व्यवस्था के तहत खिलाड़ियों को कंधे, घुटने और एंकल सहित खेल के दौरान होने वाली विभिन्न हड्डी, जोड़, मांसपेशी और लिगामेंट संबंधी चोटों का विशेषज्ञ उपचार मिल सकेगा। इनमें जरूरत के अनुसार दूरबीन यानी आर्थ्रोस्कोपिक तकनीक से ऑपरेशन की सुविधा भी विकसित की जाएगी। LNJP के निदेशक डॉ. राकेश चौधरी के मुताबिक अक्टूबर तक स्पोर्ट्स इंज्यूरी की सुविधा शुरू होने की पूरी उम्मीद है और इसके लिए जरूरी संसाधनों तथा व्यवस्थाओं को तैयार किया जा रहा है। खास बात यह होगी कि नई व्यवस्था केवल सर्जरी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि चोट लगने के बाद खिलाड़ी की रिकवरी, फिजियोथैरेपी, मानसिक तैयारी, फिटनेस, डाइट और दोबारा मैदान पर वापसी तक की प्रक्रिया को एकीकृत तरीके से विकसित किया जाएगा। इसके लिए स्पोर्ट्स फिजियोथैरेपिस्ट, स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट, ट्रेनर और स्पोर्ट्स डाइटीशियन जैसे विशेषज्ञों को व्यवस्था से जोड़ने की योजना है। खेल के दौरान खिलाड़ियों को अक्सर लिगामेंट, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में गंभीर चोटें लगती हैं और समय पर उचित उपचार नहीं मिलने पर उन्हें लंबे समय तक मैदान से दूर रहना पड़ सकता है। चोट के बाद केवल ऑपरेशन पर्याप्त नहीं होता, बल्कि प्रभावित हिस्से की ताकत और मूवमेंट वापस लाने के लिए लंबे समय तक फिजियोथैरेपी और रिहैबिलिटेशन की जरूरत पड़ सकती है। वहीं गंभीर चोट के बाद खिलाड़ी के आत्मविश्वास और मानसिक स्थिति को संभालने में स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। डाइटीशियन खिलाड़ियों की जरूरत के अनुसार खान-पान और पोषण की योजना तैयार करने में मदद करेंगे, जबकि ट्रेनर फिटनेस और दोबारा खेल में लौटने की तैयारी पर काम करेंगे। इससे खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स इंज्यूरी के इलाज के लिए दूसरे शहरों या निजी अस्पतालों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही LNJP अस्पताल के विस्तार और आधुनिकीकरण का काम भी जारी है। मरीजों और उनके परिजनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल परिसर में पार्किंग सुविधा को मजबूत किया जा रहा है। नए भवन में करीब 200 वाहनों के लिए पार्किंग विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है। इनमें 100 वाहनों के लिए ओपन पार्किंग और 100 वाहनों के लिए हाइड्रोलिक डबल डेकर पार्किंग की व्यवस्था प्रस्तावित है। हाइड्रोलिक डबल डेकर सिस्टम के जरिए कम जगह में अधिक वाहन खड़े किए जा सकेंगे, जिससे अस्पताल परिसर में पार्किंग का दबाव कम होने की उम्मीद है। LNJP पहले से ही हड्डी और ऑर्थोपेडिक उपचार के लिए बड़े संस्थानों में अपनी पहचान रखता है और नई स्पोर्ट्स इंज्यूरी सुविधा शुरू होने के बाद खिलाड़ियों को एक ही संस्थान में चोट के इलाज से लेकर रिहैबिलिटेशन और मैदान पर वापसी तक विशेषज्ञ सेवाएं मिलने की उम्मीद है।




