उज्बेक छात्रों ने हिंदी में सुनाईं मोदी की कविताएं
ताशकंद में पीएम मोदी हुए भावुक, बोले—छात्रों ने कविताओं की भावनाओं को बिल्कुल मेरे दिल की तरह समझकर पेश किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान के दो दिवसीय दौरे के दौरान ताशकंद स्थित महात्मा गांधी सेंटर का दौरा किया, जहां भारतीय संस्कृति और हिंदी का अध्ययन करने वाले उज्बेक छात्रों ने उनकी लिखी कविताएं हिंदी में सुनाईं। अपनी कविताएं छात्रों की आवाज में सुनकर पीएम मोदी भावुक नजर आए और उन्होंने कहा कि हिंदी उनकी मातृभाषा नहीं है, इसके बावजूद छात्रों ने कविताओं में छिपी भावनाओं को उसी तरह समझकर प्रस्तुत किया, जैसी भावनाएं उनके अपने दिल में थीं। कार्यक्रम के दौरान भारत, महात्मा गांधी, योग, भारतीय कला, संगीत और दर्शन के प्रति उज्बेकिस्तान में बढ़ती रुचि का भी जिक्र हुआ। प्रधानमंत्री ने तमिल साहित्य की महान रचना तिरुक्कुरल का उज्बेक भाषा में अनुवाद किए जाने का सुझाव भी दिया, ताकि भारतीय दर्शन और विचारों को उज्बेक समाज तक और व्यापक रूप से पहुंचाया जा सके। तिरुक्कुरल को नैतिकता, अच्छे आचरण और जीवन से जुड़े व्यावहारिक विचारों के लिए जाना जाता है। मोदी की यात्रा के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान ने अपने संबंधों को ‘कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ तक बढ़ाया और दोनों देशों के बीच 11 समझौतों, एमओयू और सहमतियों का आदान-प्रदान हुआ। यह यात्रा केवल कूटनीतिक रिश्तों तक सीमित नहीं रही, बल्कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और लोगों के बीच संबंधों को भी मजबूत करने का संदेश देती दिखाई दी। उज्बेक छात्रों का हिंदी में भारतीय प्रधानमंत्री की कविताएं सुनाना इस बढ़ती सांस्कृतिक नजदीकी की खास तस्वीर बनकर सामने आया।




