पाकिस्तान बोला- ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री प्रोपेगेंडा; भारत ने सिर्फ अपना पक्ष दिखाया
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ ने डॉक्यूमेंट्री को एकतरफा बताया; कहा- चुनिंदा इंटरव्यू और भावनात्मक कहानी से सैन्य नतीजे नहीं बदले जा सकते

इस्लामाबाद। ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री को लेकर पाकिस्तान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग ISPR ने डॉक्यूमेंट्री को ‘तथ्यात्मक रूप से गलत’ बताते हुए आरोप लगाया कि इसमें भारत के पक्ष को प्रमुखता दी गई है और संघर्ष के परिणाम को भारत की सफलता के तौर पर पेश किया गया है।
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने सोशल मीडिया पर डॉक्यूमेंट्री की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें चुनिंदा इंटरव्यू और भावनात्मक कहानी के जरिए घटनाओं को एकतरफा तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
15 अगस्त को रिलीज हुई डॉक्यूमेंट्री
‘Declassified: Operation Sindoor’ दो भागों वाली डॉक्यूमेंट्री सीरीज है, जिसे Warner Bros. Discovery ने तैयार किया है। इसका प्रीमियर 15 अगस्त 2026 को Discovery और discovery+ पर हुआ।
मेकर्स के मुताबिक, डॉक्यूमेंट्री पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की 88 घंटे की सैन्य कार्रवाई की योजना और उसके क्रियान्वयन को दिखाती है। इसमें भारतीय सैन्य नेतृत्व, रक्षा विशेषज्ञों और पत्रकारों के इंटरव्यू शामिल हैं।
भारतीय सैन्य अधिकारियों ने बताया ऑपरेशन
डॉक्यूमेंट्री में भारतीय सैन्य नेतृत्व के कई वरिष्ठ अधिकारी ऑपरेशन सिंदूर के बारे में कैमरे पर बात करते दिखाई देते हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
- चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान
- थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी
- नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी
- वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह
- डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई
इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अन्य सैन्य अधिकारियों के इंटरव्यू भी डॉक्यूमेंट्री में शामिल हैं।
पाकिस्तान ने सैन्य नतीजे पर उठाए सवाल
पाकिस्तानी सेना ने आरोप लगाया कि डॉक्यूमेंट्री में ऑपरेशन सिंदूर के परिणाम को भारत की सफलता के रूप में पेश किया गया है। ISPR का कहना है कि किसी फिल्म या डॉक्यूमेंट्री के जरिए घटनाओं को दोबारा प्रस्तुत करने से उस समय की वास्तविक घटनाएं नहीं बदल सकतीं।
पाकिस्तान की ओर से संघर्ष के दौरान भारतीय विमानों को गिराने समेत कई दावे किए गए थे। भारत ने इन दावों को खारिज किया है। इसलिए इन दावों को दोनों देशों के अलग-अलग आधिकारिक बयानों के रूप में देखा जाना चाहिए।
सीजफायर पर भी पाकिस्तान की आपत्ति
पाकिस्तान ने कहा कि संघर्ष रोकने के लिए दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) के बीच बातचीत हुई थी। पाकिस्तानी पक्ष का तर्क है कि ऐसे में संघर्ष को किसी एक देश की एकतरफा जीत बताना उचित नहीं है।
वहीं, डॉक्यूमेंट्री का फोकस मुख्य रूप से भारत की सैन्य कार्रवाई की योजना और उसके क्रियान्वयन पर है। इसमें भारतीय अधिकारियों के प्रत्यक्ष अनुभव और ऑपरेशन से जुड़े घटनाक्रम को सामने रखा गया है।
पहलगाम हमले से ऑपरेशन सिंदूर तक
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तेजी से बढ़ा।
7 मई 2025 को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव और बढ़ गया।
10 मई 2025 को दोनों देशों के DGMO स्तर की बातचीत के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी।
‘Declassified: Operation Sindoor’ इसी घटनाक्रम के दौरान भारत की रणनीतिक तैयारियों और सैन्य कार्रवाई को केंद्र में रखती है।
निष्कर्ष
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत और पाकिस्तान के दावे अलग-अलग रहे हैं। डॉक्यूमेंट्री मुख्य रूप से भारतीय पक्ष और भारतीय सैन्य अधिकारियों के अनुभवों पर आधारित है, जबकि पाकिस्तान ने इसकी प्रस्तुति पर सवाल उठाते हुए इसे प्रोपेगेंडा बताया है।
SEO Title: Operation Sindoor Documentary: पाकिस्तान ने बताया प्रोपेगेंडा, डॉक्यूमेंट्री पर जताई आपत्ति
Meta Description: ऑपरेशन सिंदूर पर बनी ‘Declassified: Operation Sindoor’ डॉक्यूमेंट्री पर पाकिस्तान ने आपत्ति जताई है। ISPR ने इसे तथ्यात्मक रूप से गलत बताया और भारत पर घटनाओं को अपने पक्ष में पेश करने का आरोप लगाया।



