पंजाब में थाने की जमीन बेचने का आरोप, ₹36 लाख गंवाने का दावा
मानसा के बरेटा में रिटायर्ड टीचर पर फिजियोथेरेपिस्ट को गलत जमीन बेचने का आरोप; रिकॉर्ड में जमीन थाना सिटी बरेटा की हद में निकली, पीड़ित ने पैसे वापस दिलाने और कार्रवाई की मांग की

मानसा जिले के बरेटा में जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक रिटायर्ड टीचर पर फिजियोथेरेपिस्ट को ऐसी जमीन बेचने का आरोप है, जो बाद में रिकॉर्ड में थाना सिटी बरेटा की हद में बताई गई। पीड़ित सतबीर सिंह के मुताबिक उसने करीब 32 लाख रुपए में जमीन का सौदा किया था और रजिस्ट्री व अन्य कागजी कार्रवाई समेत कुल करीब 36 लाख रुपए खर्च किए, लेकिन जब वह जमीन पर कब्जा लेने और दुकान बनाने के लिए नींव खोदने पहुंचा तो वहां मौजूद लोगों ने उसे रोक दिया और मौके से भगा दिया। विवाद बढ़ने के बाद जब पटवारी से जमीन का रिकॉर्ड और निशानदेही करवाई गई तो कथित तौर पर सामने आया कि रजिस्ट्री में जिस जमीन का नंबर दर्ज था, वह मौके पर दिखाई गई जमीन से अलग थी और संबंधित जमीन पुलिस थाने की सीमा में आती है। पीड़ित का आरोप है कि उसने जमीन खरीदने से पहले विक्रेता से पूरी जानकारी ली थी और उसे जमीन दिखाई भी गई थी, लेकिन रजिस्ट्री के बाद वास्तविक स्थिति सामने आई। सतबीर के अनुसार वह करीब छह बार जमीन पर कब्जा लेने का प्रयास कर चुका है, लेकिन हर बार उसे रोक दिया गया। उसका कहना है कि जब उसने रिटायर्ड टीचर से इस संबंध में बात की तो कथित तौर पर उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला और बाद में फोन भी बंद कर लिया गया। पीड़ित ने बरेटा पुलिस थाने में धोखाधड़ी की शिकायत देने का दावा किया है और आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मामले में सबसे गंभीर बात यह है कि जमीन की वैधता और वास्तविक स्वामित्व को लेकर रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में कथित तौर पर अंतर सामने आया है। पीड़ित का कहना है कि वह अब विवादित जमीन नहीं चाहता और उसकी मांग है कि उससे लिए गए पूरे पैसे वापस करवाए जाएं तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं परिवार की ओर से आर्थिक और मानसिक परेशानी का हवाला देते हुए कथित तौर पर आत्महत्या जैसा कदम उठाने की बात भी कही गई है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह आरोप और शिकायत का मामला है तथा पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि जमीन का सौदा किस तरह हुआ, दस्तावेजों में गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। मामले में जमीन के रिकॉर्ड, रजिस्ट्री, निशानदेही और संबंधित पक्षों के बयानों की जांच महत्वपूर्ण होगी।




