बठिंडा के आउटसोर्स कर्मचारियों का सरकार को अल्टीमेटम, 8 सितंबर से साहनेवाल में पक्का मोर्चा
मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार और बच्चों सहित आंदोलन तेज करने की चेतावनी

बठिंडा। जल सप्लाई एवं सैनिटेशन विभाग में लंबे समय से सेवाएं दे रहे इनलिस्टमेंट और आउटसोर्स कर्मचारियों का सरकार के प्रति रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर सरकार और विभाग के अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें होने के बावजूद अब तक जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी नाराजगी के चलते यूनियन ने आंदोलन को और तेज करने का फैसला लिया है। यूनियन के जिला प्रधान हरविंदर सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों की मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो 8 सितंबर को कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के विधानसभा क्षेत्र साहनेवाल में परिवार और बच्चों सहित पक्का मोर्चा लगाया जाएगा। हरविंदर सिंह के अनुसार, 17 अगस्त को कैबिनेट सब-कमेटी के चेयरमैन एवं वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां तथा जल सप्लाई एवं सैनिटेशन विभाग के अधिकारियों के साथ यूनियन की बैठक हुई थी। यूनियन का दावा है कि बैठक में कर्मचारियों के रिकॉर्ड को लेकर चार दिन के भीतर प्रक्रिया शुरू करने और आउटसोर्स कर्मचारियों को पंजाब स्टेट आउटसोर्स्ड पर्सोनल बिल-2026 के दायरे में लाने पर सहमति बनी थी, लेकिन बैठक के बाद तय प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि अभी तक इनलिस्टमेंट कर्मचारियों का रिकॉर्ड सत्यापन के लिए निचले स्तर पर नहीं मंगवाया गया है, जिससे उन्हें आशंका है कि एक बार फिर केवल आश्वासन देकर मामला टालने की कोशिश की जा रही है। यूनियन नेताओं का कहना है कि पिछले समय में भी विभागीय कैबिनेट मंत्री और कैबिनेट सब-कमेटी के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं और हर बार समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया गया, लेकिन कर्मचारियों की स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया। कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, इसके बावजूद उनके रोजगार की स्थिरता और भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसके अलावा जल सप्लाई स्कीमों के पंचायतीकरण और निजीकरण को लेकर भी कर्मचारियों में चिंता है। उनका मानना है कि यदि इन योजनाओं का स्वरूप बदला गया तो उनके रोजगार पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। यूनियन ने सरकार से मांग की है कि बैठक में बनी सहमति को जल्द लागू किया जाए, रिकॉर्ड सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की जाए और आउटसोर्स कर्मचारियों के रोजगार को सुरक्षित करने के लिए ठोस निर्णय लिया जाए। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की तो 8 सितंबर से साहनेवाल में शुरू होने वाला पक्का मोर्चा लंबे आंदोलन का रूप ले सकता है।




