करनाल में SE तंवर के अंतिम संस्कार पर विवाद, FIR में 2 नाम हटे और 4 नए जुड़े
33 घंटे बाद प्रशासन के आश्वासन पर हुआ अंतिम संस्कार; SIT जांच, लंबित भत्ते जारी करने और निष्पक्ष कार्रवाई पर बनी सहमति, समाज के लोगों ने जताई नाराजगी

करनाल बिजली निगम के सस्पेंडेड सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE) गीतूराम तंवर के सुसाइड के करीब 33 घंटे बाद प्रशासन के आश्वासन पर अंतिम संस्कार किया गया, लेकिन इसके बाद FIR में नामों को लेकर परिवार और समाज के बीच विवाद खड़ा हो गया। परिवार की सहमति के लिए प्रशासन की ओर से SIT जांच कराने, रुके हुए भत्ते एवं रिटायरमेंट के लाभ जारी करने तथा पत्नी प्रीति तंवर की शिकायत के आधार पर संशोधित FIR दर्ज करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद सामने आई नई FIR में सुसाइड नोट में उल्लेखित SE धर्म सुहाग और अजय कोहड़ के नाम हटाए गए, जबकि नवीन दलाल, ओमबीर धनखड़, टोनू कोहाड़ और हरियाणा भाईचारा मीडिया के नाम जोड़े गए, जिससे समाज के कुछ लोगों में नाराजगी फैल गई। प्रीति तंवर की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नए नामजद लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से गीतूराम को परेशान किया, जातिसूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकियां दीं। वहीं समाज के नेताओं का कहना है कि गीतूराम ने अपने साथ हुए कथित अन्याय को लेकर सुसाइड नोट छोड़ा था, इसलिए मामले में आरोपियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई होनी चाहिए। अंतिम संस्कार के फैसले को लेकर परिवार और समाज के कुछ लोगों के बीच बहस भी हुई और एक व्यक्ति ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अब उन्हें कभी न्याय की लड़ाई के लिए न बुलाया जाए। प्रशासन ने मामले की जांच के लिए SIT गठित की है, जिसमें IPS रविंद्र, DSP मीना और सेक्टर-9 चौकी प्रभारी संदीप कुमार को शामिल किया गया है। पुलिस अब सुसाइड नोट, पत्नी की शिकायत, FIR और सामने आए वीडियो सहित पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी तथा जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।




